अब अच्छे दिन आएं, बजट के बाद सामने आई बड़ी खुशखबरी
यूँ तो जब से मोदी सरकार बनी है, तब से हम यही नारा सुन रहे है, कि देश के अच्छे दिन जरूर आएंगे। मगर ऐसा लगता है कि अब अच्छे दिन आएं है। जी हां अब कही जा कर भारत देश के अच्छे दिन शुरू हुए है। अब हम ऐसा क्यों कह रहे है ये जानने के लिए तो आपको पूरी खबर पढ़नी पड़ेगी। ये तो सब जानते ही है कि कुछ समय पहले एक बजट जनता के सामने पेश किया गया था। हालांकि इसे बजट से देश की आधी से ज्यादा जनसंख्या काफी खुश है। तो वही कुछ लोग आज भी इस बजट में नुक्स निकाल रहे है। वो कहते है न कि आलोचना करने वालो की कमी नहीं होती। मगर इस बार जो खुशखबरी सामने आई है, वो भारत देश के लिए वास्तव में एक गर्व की बात है।

अब अच्छे दिन आएं..
दरअसल इस बार भारत देश की उस समस्या में कमी आई है, जो हमारे देश के लिए एक श्राप बन चुकी थी। जिसके कारण हमारा देश पिछड़ा हुआ था। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि हम यहाँ किसी और चीज की नहीं बल्कि भृष्टाचार की बात कर रहे है। जो बिलकुल माहामारी की तरह हमारे देश में फ़ैल चुकी है। मगर अब भृष्टाचार को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है, उससे भारत देश के लोग काफी खुश है। बता दे कि भृष्टाचार निरोधक संगठन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने वैश्विक भृष्टाचार सूचकांक साल 2018 की सूचि पेश कर दी है। जी हां इस सूचि के अनुसार अब भारत में भृष्टाचार कम हो रहा है।
जहाँ पहले के समय में भारत भृष्टाचार करने के मामले में 81 वे स्थान पर था। वही अब इसकी संख्या कम हो कर 78 हो चुकी है। यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो भारत देश में भृष्टाचार का स्तर धीरे धीरे कम हो रहा है और अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन भारत देश से भृष्टाचार जरूर खत्म हो जाएगा। अब इसे मोदी सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का असर कहे या देश की बदलती हुई सोच, जो हमारा भारत देश अब इतना ज्यादा विकास कर रहा है। अब जाहिर सी बात है कि इस खबर के सामने आने के बाद मोदी सरकार चारो तरफ छा गई है।
ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि अब अच्छे दिन आएं है और अब ये अच्छे दिन कही नहीं जायेंगे। अगर हमारा देश ऐसे ही आगे बढ़ता रहा तो अच्छे दिनों का स्तर कभी कम नहीं होगा।
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hello everyone, my name is Rajni Goyal. i am a writer but on the other side i love music. to be very frank i also even don’t know what i want to do in my life. लेकिन अगर अपनी भाषा मैं कहूं तो…. भटकती हुई मुसाफिर हूँ, मंजिल की तलाश है, जहाँ मंजिल दिख जाएँ वही लिखा हमारी किस्मत का असली आगाज है।



