हालात बद से बदतर होने के बाद प्रदूषण को लेकर हुई प्रधानमंत्री की बैठक
दीपावली को बीते हुए 1 हफ्ते से भी ज्यादा का समय हो गया है। परंतु दीपावली के बाद से दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण के जो हालात हैं उससे वहां के निवासियों का जीना दुश्वार हो गया है। दिल्ली ही नहीं बल्कि नोएडा गाजियाबाद के अलावा अन्य आसपास के इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है।
1 हफ्ते तक बने रहने के बाद और एयर क्वालिटी इंडेक्स 1000 से भी ज्यादा बढ़ने के बाद अब जिस के प्रधानमंत्री की बैठक प्रदूषण को लेकर हुई है। भारत के प्रधानमंत्री पहले ही पर्यावरण को लेकर काफी जागरूक रहे हैं। उन्होंने गांधीजी की 150 वी जयंती पर सिंगल यूज़ प्लास्टिक को कम से कम प्रयोग करने की भी बात कही थी। ऐसे में इस बैठक से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री प्रदूषण को लेकर चिंतित हैं।
नॉर्थ इंडिया के राज्यों के साथ हुई प्रधानमंत्री की बैठक

प्रधानमंत्री की इस बैठक को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा द्वारा रविवार और सोमवार को आयोजित करवाया गया। इसमें हरियाणा पंजाब और दिल्ली के अधिकारी सम्मिलित हुए इस बैठक में नरेंद्र मोदी जी ने पश्चिम में आने वाले चक्रवात महा के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। यह चक्रवात उत्तर भारत में प्रदूषण की स्थिति को और भी ज्यादा गंभीर कर सकता है। पश्चिम भारत में समुद्र में मछली डालने की गतिविधियों को पूरी तरह से डाल दिया गया है।
प्रदूषण की स्थिति में हल्का सुधार
सोमवार तक प्रदूषण का स्तर बहुत ही ज्यादा था। मंगलवार को सुबह 9:00 बजे यह बहुत हल्का सा कम हुआ। मंगलवार की सुबह 9:00 बजे तक दिल्ली का प्रदूषण स्तर 351 से 311 पर आ गया। नोएडा का प्रदूषण स्तर 348 ग्रेटर नोएडा का प्रदूषण स्तर 358 फरीदाबाद का प्रदूषण 311 रहा। यह पहले के मुकाबले थोड़ी सी सुधरी हुई स्थिति प्रतीत होती है। मगर अभी भी देश की राष्ट्रीय राजधानी प्रदूषण की मार से पीड़ित है।
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