तीन दिन की थाईलैंड यात्रा पर प्रधानमंत्री मोदी
भारत-आसियान सम्मेलन सहित क्षेत्रीय विस्तृत आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) सम्मेलन में भाग लेने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन की थाईलैंड यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आसियान देशों के संग भारतीय व्यापार और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर मजबूत और सक्रिय सहभागिता को बढ़ाने पर होगा। साथ ही आरईसीपी समझौते पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर होगी।
इन दो महत्वपूर्ण सम्मेलनों के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन की थाईलैंड में वार्षिक एशिया सम्मेलन का भी हिस्सा बनेंगे। इस सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आतंकवाद और चरमपंथियों की सक्रियता से उत्पन्न होने वाले खतरों पर विशेष तौर पर चर्चा होगी। इस बार आसियान का वार्षिक सम्मेलन इस दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में चीन का रुख दक्षिणी चीन सागर के विवादित क्षेत्र और हिंद प्रशांत महासागर के प्रति क्रियाशील नजर आया।
पिछले साल जनवरी में भारत ने इंडो-आसियान सम्मेलन की 25वीं वर्षगांठ की मेजबानी की थी, जिसमें 10 आसियान नेताओं ने शिरकत की थी। इस दौरान भारत ने यह घोषणा की थी कि वह आसियान-इंडिया स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप की सतत मजबूती के लिए काम करता रहेगा। इस बार 14 वें एशिया सम्मेलन में देश दुनिया के 54 देश भाग लेंगे।
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आसियान समूह का भारत के अलावा अमेरिका, जापान, रूस और चीन के साथ अलग-अलग शिखर सम्मेलन होगा। आसियान के सदस्यों में इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यामां और कंबोडिया शामिल हैं। वहीं, पूर्वी एशिया सम्मेलन में आसियान देशों के अलावा भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका और रूस हिस्सा लेंगे।

अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब की यात्रा के दौरान भारत और सऊदी अरब के संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए तेल और गैस, रक्षा एवं नागर विमानन समेत अलग-अलग प्रमुख क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

