नवरात्र के दूसरे दिन हो रही मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, मां का है दूसरा स्वरूपFeatured Article Knowledge News 

नवरात्र के दूसरे दिन हो रही मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, मां का है दूसरा स्वरूप

जैसा कि हम सभी जानते है कि शारदीय नवरात्र का आज दूसरा दिन हैं और बड़े धूमधाम से देश में नवरात्र का आगाज हो चुका हैं जहां पहले दिन माँ दुर्गा के प्रथम रूप की स्थापना हुयी है और प्राण प्रतिष्ठा के बाद माँ की शैलपुत्री रूप में घर-घर जमकर पूजा अर्चना की गयी हैं। तो इन्हीं सबके साथ आज मंगलवार के दिन नवरात्र के दुसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी के रूप में माँ का दूसरा स्वरुप की विशेष पूजा अर्चना की जा रही है।

मां ब्रह्मचारिणी का ये होता है अर्थ

जानकारी के लिए बता दें कि माँ ब्रह्मचारिणी माँ दुर्गा का दूसरा रूप हैं और इनकी विशेष आराधना नवरात्र के दूसरे दिन होती हैं। बता दें कि ब्रम्हका अर्थ है तपस्या और चारिणी का अर्थ हैं आचरण करने वाली, दुर्गा सप्तसती के अनुसार माँ ब्रह्मचारिणी शानित और तापय में लीं रहने वाली हैं देवी भगवती को नवरात्र के दुसरे दिन चीनी का भोग लगाना चाहिए और ब्राम्हण को भी दान में चीनी देने की मान्यत मानी जाती हैं मान्यता है की ऐसे करने से मनुष्य दीर्घायु होता हैं। जहां मां सभी मुरादें भी पूरी करती है।

नवरात्र में है इसका महत्व

हालांकि, नवरात्र में गरबा और डांडिया करने का अपना धार्मिक महत्व माना गया है। जहां इन नृत्यों से माँ दुर्गा का नाता है। बता दें कि गरबा को माँ दुर्गा के आसपास या झा माँ दुर्ग की ज्योत जलाई हो वहा किया जाता हैं। क्योंकि गरबा शब्द गर्भ से लिया गया हैं जो माता के गर्भ मे शिशु को दर्शाता हैं। गरबा नृत्य देश के कई राज्यों में बड़े धूमधाम से मनाया जाता हैं तरह तरह के वेशभूषा में सजकर लोग गरबा नृत्य का आनंद लेते हैं। गरबा का क्रेज ज्यादातर गुजरात जैसे राज्यों में ज्यादा होता है। जहां लोग बड़े ही धूमधाम से लोग नवरात्र मनाते है।

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