खनन माफियाओं ने आईएस अधिकारी को जेसीबी चढ़ाकर मारने का किया प्रयास, रहे असफल
देश के लाखों युवा हर साल सिविल सर्विस का एग्जाम देते हैं और उनका सपना देश की सर्वोच्च परीक्षा को पास कर आईएएस या आईपीएस बनने का होता है। क्योंकि इस पद पर ताकत प्रतिष्ठा दोनों मिलती है। युवा इस पद पर पहुंच कर देश की तकरीर को बदलना चाहते हैं। मगर इसी पद पर बैठे व्यक्ति जब गलत लोगों की वजह से खतरे में पड़ जाए तो यह बहुत दुर्भाग्य की बात है। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें खनन माफियाओं ने जेसीबी चढ़ाकर एक ट्रेनी आईएएस अधिकारी को मारने की कोशिश की मगर वह असफल रहे।
दरअसल रायगढ़ जिले के सारनगढ़ के तीमारलागा खनन क्षेत्र में अवैध पत्थर और अवैध डोलोमाइट के खनन की सूचना प्राप्त हुई। जिसके बाद असिस्टेंट आईएएस अधिकारी मयंक चतुर्वेदी एक डिप्टी डायरेक्टर खनन एसएस नाग और एक कंस्ट्रक्टर के साथ घटना पर पहुंची। वहां पर उन्होंने देखा कि अमृत पटेल नाम का व्यक्ति वहां पर अवैध खान का कार्य करा रहा था। अधिकारियों ने वहां पर चल रहे अवैध खनन के कार्य को रुकवा दिया। अमृत पटेल ने उन्हें रोकने की कोशिश की मगर वह असफल रहा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि जब आईएएस अधिकारी मयंक चतुर्वेदी वहां पर से निकल रहे थे। तब अमृत पटेल के आदेश पर उन्हें जेसीबी से कुचलकर मारने का प्रयास किया गया। मगर इस हादसे में वह बाल-बाल बच गए। हालांकि उन्हें हल्की चोटें जरूर आई हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने वहां से 10 ट्रक 4 बाइक दो जेसीबी और 300 टन चूना पत्थर के साथ-साथ विस्फोटक भी बरामद किए हैं और अमृत पटेल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
इस घटना के बाद एक बार फिर से यह तय हो गया है कि खनन माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही में तेजी लाने की आवश्यकता है। क्योंकि खनन माफिया इस तरह के अवैध कारोबार करने के लिए देश की अधिकारियों की बलि चढ़ाने में भी पीछे नहीं हटते हैं। देशभर में खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया जाना चाहिए ताकि उनके अवैध कार्य को रोका जा सके।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



