MeToo पर ताहिरा कश्यप का ब्यान, कहा कि असली वहशी तो रिश्तेदार होते है
ये तो सब जानते है कि आज कल MeToo अभियान का चलन देश भर में बड़ी तेजी से बढ़ रहा है. इस अभियान का मकसद यौन उत्पीड़न करने वाले दोषियों को दुनिया के सामने लाना है. बता दे कि अब इस अभियान के साथ बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना की पत्नी ताहिरा भी जुड़ चुकी है. गौरतलब है कि ताहिरा एक लेखिका और एक निर्देशक भी है.
बरहलाल ताहिरा कश्यप ने इस अभियान के बारे में अपने विचार रखते हुए कहा कि असली वहशी तो हमारे अपने रिश्तेदार ही होते है. दरअसल ताहिरा कश्यप भी बचपन में यौन उत्पीड़न का शिकार हो चुकी है. जिसके चलते उन्होंने ट्विटर पर काफी लम्बा मैसेज पोस्ट किया है. ताहिरा कश्यप का कहना है कि उन्हें करीब बीस साल के बाद शांति मिली है. जब उन्होंने अपने दिल की बात अपने परिवार और पति के साथ सांझा की है.

इसके इलावा ताहिरा कश्यप का कहना है कि वास्तव में जिन रिश्तेदारों पर आप भरोसा करते है. वही असली धोखेबाज होते है. इसके बाद ताहिरा कश्यप ने बताया कि वो यौन उत्पीड़न के दर्द को समझ सकती है. इसका डर सालो तक दिल में बसा रहता है. ऐसी घटना को याद करके ही रोंगटे खड़े हो जाते है.
गौरतलब है कि अपने साथ हुए हादसे के बाद ताहिरा कश्यप शारीरिक स्पर्श से भी डरने लगी थी. ऐसे में उनके पति आयुष्मान ने बड़े धैर्य और प्यार के साथ उनके घाव भरे थे. हालांकि उनका कहना है कि जब उन्होंने अपने पति के साथ डेट करना शुरू किया था, तब वो शारीरिक स्पर्श से काफी डरती थी. यहाँ तक कि जब ताहिरा ने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया, उसके बाद भी उन्हें यौन उत्पीड़न की यादें डराया करती थी.

बरहलाल ताहिरा अपने दिल के बोझ को हल्का करना चाहती थी. यही वजह है कि उन्होंने अपने बचपन की सभी कड़वी यादें अपने पति और परिवार के साथ सांझा की. इसके इलावा ताहिरा कश्यप का कहना है कि मी टू केवल प्रसिद्ध चेहरों को सामने लाने के लिए नहीं है. ये अभियान हर उस महिला के लिए है, जिसने यौन उत्पीड़न का दर्द सहा है.
जी हां ताहिरा कश्यप का कहना है कि जिन महिलाओ के साथ कुछ भी गलत हुआ है, उन्हें दुनिया के सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए. किसी भी महिला को यौन उत्पीड़न के खिलाफ बोलने का पूरा अधिकार है.
बता दे कि MeToo अभियान के कारण ही अब तक बॉलीवुड के कई चर्चित चेहरों का पर्दाफाश हो चुका है.

hello everyone, my name is Rajni Goyal. i am a writer but on the other side i love music. to be very frank i also even don’t know what i want to do in my life. लेकिन अगर अपनी भाषा मैं कहूं तो…. भटकती हुई मुसाफिर हूँ, मंजिल की तलाश है, जहाँ मंजिल दिख जाएँ वही लिखा हमारी किस्मत का असली आगाज है।


