आरसीईपी समझौते से बाहर रहने पर हो रही प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ
भारत में कल 4 नवंबर को आरसीईपी यानी कि रीजनल कंप्रिहेंसिव इकोनामिक पार्टनरशिप में शामिल होने से इंकार कर दिया। काफी समय से भारत द्वारा इस पर शामिल होने के लिए विचार किया जा रहा था। मगर भारत की केंद्रीय परिस्थितियां इस अनुकूल नहीं हैं। जिस कारण देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संगठन में शामिल ना होने की घोषणा की। भारत के प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया यह फैसला अब देश के दिग्गज नेताओं को काफी पसंद आ रहा है क्योंकि भारत की आर्थिक समस्याओं को निपटाए बिना रीजनल कंप्रिहेंसिव इकोनामिक पार्टनरशिप जैसे बड़े संगठन का हिस्सा बन जाना भारत के लिए एक खतरे की घंटी थी। अब प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ रही है।
जेपी नड्डा और अमित शाह ने की प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ
भारत के प्रधानमंत्री द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती के साथ भारतीय किसानों व्यापारियों और मजदूरों के साथ खड़े होने पर देश के गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर उनकी प्रशंसा की। वहीं वर्तमान समय में बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ट्वीट कर देश के प्रधानमंत्री को देश के हित में फैसला करने के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री में आरसीईपी में शामिल ना होने का फैसला लेने के बाद एक शानदार भाषण भी दिया। जिसमें उन्होंने अपने उन स्वतंत्र विचारों को व्यक्त किया। जिसको लेकर वह काफी समय से चिंतित थे। उन्होंने टैरिफ मुक्त व्यापार के लिए भारत का तैयार ना होना भी बताया।
क्या खतरे थे भारत को?
दरअसल यदि भारत इस संगठन में शामिल हो जाता तो इसके सदस्य देशों के साथ भारत का व्यापार आसान हो जाता। परंतु भारत जब कोई सामान आयात करता तो उस पर ज्यादा ट्रैफिक चार्ज नहीं लगा सकता था। जिसके बाद विदेशी द्वारा खरीदे गए सामान भारत में सबसे अधिक पर और भारत में तैयार सामान भारतीयों के लिए महंगे हो जाते। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ हो रही है।
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