गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी नागरिकता विवाद की जानकारी देने से किया इनकार
राहुल गांधी के नागरिकता को लेकर सवाल कई बड़े नेताओं ने कई बार बड़े मंच पर खड़े किए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भी राहुल पर इस तरह के आरोप लगे थे कि उनके पास विदेशी नागरिकता है। हालांकि इस तरह के आरोप बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार पर भी लगे थे और यह बात सच है कि उनके पास कनाडा की नागरिकता है। मगर अक्षय कुमार देश में कनाडा की नागरिकता होने के कारण वोट नहीं डाल सकते हैं। मगर राहुल गांधी लोकसभा का चुनाव लड़ने के साथ वोट भी डालते हैं। ऐसे में उनकी नागरिकता के बारे में जांच करना आवश्यक हो जाता है। राहुल की नागरिकता के मामले में लोकसभा चुनाव के दौरान गृह मंत्रालय ने उन्हें एक नोटिस दिया था। एक आरटीआई द्वारा जानकारी मांगे जाने पर गृह मंत्रालय ने जांच में बाधा पड़ने का हवाला देते हुए जानकारी देने से मना कर दिया।
गृह मंत्रालय ने कही यह बात
दरअसल अप्रैल माह में सुब्रह्मण्यम स्वामी के शिकायत के बाद गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी की नागरिकता मामले में अपनी सफाई पेश करने के लिए 15 दिनों का समय दिया था। एक आरटीआई के द्वारा राहुल के द्वारा दिए गए जवाब की एक प्रति प्रदान करने की मांग की गई थी। जिसके जवाब में गृह मंत्रालय ने आरटीआई कानून की धारा 8 एक के नियम एच और जे के अनुसार जानकारी देने से मना कर दिया। गृह मंत्रालय के अनुसार यदि आरटीआई की जानकारी किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी और किसी जांच में बाधा पहुंचाने वाली हो तो उसकी जानकारी देने से रोका जा सकता है।
दरअसल भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने शिकायत करते हुए कहा था कि ब्रिटेन में 2003 में खोली गई कंपनी बैकऑप्स लिमिटेड द्वारा 10 अक्टूबर 2005 और 31 अक्टूबर 2006 को भरे गए वार्षिक रिटर्न में राहुल गांधी की नागरिकता ब्रिटिश बताई गई। राहुल इस कंपनी के हिस्सेदार थे 17 फरवरी 2009 को जब यह कंपनी बंद की गई तब भी राहुल की नागरिकता ब्रिटिश पाई गई। ऐसे में उनकी नागरिकता पर संदेह होना जायज है।

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