फिल्म “हैरी पॉटर” के 8 रोचक तथ्य, जानकर रह जाएंगे हैरान
दोस्तों, 90 के दशक का आखिरी साल और नई सदी की शुरुआती दौर जिस बुक और जिस सीरीज के नाम था उसका नाम है “हैरी पॉटर”| जेके रोलिंग जब ये सीरीज लिख रही थीं, उस समय उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी.रोलिंग, अक्सर किसी कॉफी शॉप में बैठकर हैरी पॉटर की जादुई दुनिया के किस्से लिखती रहती उस वक़्त उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि ये किताब एक दिन उन्हें दुनिया के सबसे अमीर लेखकों की सूची में ले आएगी.
जे.के.रोलिंग ने वर्ष 1997 से 2007 के दौरान कुल 7 किताबे लिखी , जिन पर आठ फिल्मे बनाई गयी है| आइये जाने हैरी पॉटर (Harry Potter) से जुडी मजेदार बाते|
1- इसकी लेखिका जे.के.रोलिंग का जन्मदिन 31 जुलाई को आता है |
2- इस कहानी की पात्र हर्मायनी ग्रेजन का किरदार रोलिंग ने खुद को ध्यान में रख कर लिखा था |
3- दोस्तों आपको ये जानकर हैरानी होगी कि हैरी पॉटर सीरीज में मायूस मीना का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री असल में एक 36 साल की महिला है | इस सबसे लोकप्रिय चरित्र को गढने की शुरुवात एक नैपकिन से हुयी थी | दरअसल ट्रेन में जब रोलिंग को विचार आया तो उन्होंने तुंरत इसे एक नैपकिन पर लिखना शूरू कर दिया |

4- जे,के.रोलिंग का असली नाम “जोन्नाह रोलिंग” है, लेकिन किताब के पब्लिशर के कहने पर उन्होंने अपना पेन नेम जे.के.रोलिंग रखा |
5- कभी आर्थिक तंगी से गुजरने वाली रोलिंग आज एक अरबपति है वे दुनिया की पहली ऐसी शख्स है जो केवल किताब लिखने से ही अरबपति बन गयी है |
6- फिल्म निर्माता चाहते थे कि लेखिका जेके रोलिंग फिल्म में हैरी पॉटर की मां का किरदार निभाएं लेकिन रोलिंग तैयार नहीं हुई. रोलिंग का कहना था कि वो बहुत बुरी एक्ट्रेस हैं और कैमरे के सामने पूरा सीन बिगाड़ देंगी|
7- हैरी पॉटर उपन्यास की किताबो को 70 से ज्यादा भाषाओं में अनुवाद किया जा चूका है जो इतिहास में किसी भी किताब का सबसे ज्यादा अनुवाद है |
8- हैरी पॉटर फिल्म में हैरी का किरदार निभाने वाले डेनियल रेडक्लिफ ने सीरीज के अंत तक 160 बार चश्मे बदले थे |

Writer, Storyteller, Dreamer

