पुणे में कर्नल समेत सेना के 40 जवानों पर दर्ज की गई एफ आई आर
आम तौर पर सेना के जवानों को बहुत ही अनुशासित माना जाता है। सेना के जवान आपको कभी भी कोई भी संवैधानिक नियम तोड़ते हुए नहीं दिखाई पड़ेंगे। मगर पुणे में इसके कुछ उल्टा ही देखने को मिला। जिस कारण कर्नल समेत सेना के 30 40 जवानों पर एफ आई आर दर्ज कर ली गई है। इसमें सेना के कर्नल विजय गायकवाड भी शामिल हैं। सीमा के इन जवानों पर आरोप है कि जवानों ने एक किसान की सोयाबीन की फसल के बीच से ही सेना की ट्रक को निकाला। जिसके कारण किसान की खड़ी फसल बर्बाद हो गई। जिसके बाद पुलिस को कर्नल समेत सेना के इन 30 40 जवानों पर एफ आई आर दर्ज करनी पड़ी।
बर्बाद हो गई किसान की फसल
दरअसल 22 जून को पुणे के एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई कि सेना के कर्नल समेत 30 40 जवानों ने उसकी सोयाबीन की खड़ी फसल के बीच से आर्मी के चार ट्रक गुजार दिए हैं। जिसके कारण उसकी फसल बर्बाद हो गई है। इसके अलावा यह भी पता चला कि किसान और सेना के कर्नल के बीच पहले से ही जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। किसान की शिकायत के बाद सेना के कर्नल विजय गायकवाड सहित 30 40 जवानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिसमें उन पर आईपीसी की धारा 142 ,आईपीसी की धारा 143 पर आईपीसी की धारा 149 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वहीं सेना के कर्नल का कहना है कि मुझे फसाने के लिए इस तरह की शिकायत दर्ज की गई है। ताकि मेरा नाम खराब किया जा सके। पुणे ग्रामीण के एसपी संदीप पाटिल ने बताया कि सेना के जवान हथियार लेकर एक साथ इकट्ठा हुए थे। हम ने मामला दर्ज कर लिया है और अब बयान लिए जा रहे हैं। ताकि सत्यता की जांच करके निष्कर्ष तक पहुंचा जा सके। यह भी बात सामने आई है कि पहले से ही जमीन को लेकर किसान और कर्नल के बीच विवाद चल रहा था।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



