आम्रपाली संगठन को करारा झटकाBreaking News Featured Article Humor News Trending हिन्दी लेख 

सुप्रीम कोर्ट का आदेश – आम्रपाली संगठन की देशभर की कई संपत्तियां बिकेगी

सुप्रीम कोर्ट से बुधवार को आम्रपाली संगठन को करारा झटका मिला है । निवेशकों से पैसे लेने के बाद भी उन्हें उनका मकान नहीं देने के मुद्दों पर कोर्ट ने आम्रपाली के निदेशकों से जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ अपराधिक मामले के लिए करवाई क्यों ना ही की जाए ? इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली संगठन के भुवनेश्वर हाउजिग प्लांट , पूर्णिया की जमीन , गया का बुद्ध मॉल , मुजफ्फरपुर का मॉल , नोएडा के चार कॉरपोरेट ऑफिस , बरेली का मॉल , ग्रेटर नोएडा के होटल , बक्सर का होटल , राजगीर का होटल और इस्पात फैक्ट्री वाली संपत्तियों को जब्त करने का डीआरटी को आदेश जारी कर दिया है।

आम्रपाली संगठन की देशभर की कई संपत्तियां बिकेगी

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली संगठन को चेतावनी देते हुए कहा कि इससे पहले , होम बायर्स से जुटाए गए पैसे का क्या किया गया । इसकी सही-सही जानकारी नहीं मिली तो जेल में डाल दिया जाएगा । सुप्रीम कोर्ट से चेतावनी मिलने के बाद आम्रपाली संगठन के सीएमडी ने मान लिया कि 2,996 करोड़ रुपए दूसरी कंपनी का बिजनेस बढ़ाने में लगा दिया गया है । इसी कारण से हाउसिंग प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए जरूरी पैसों की कमी हो गई थी और इस प्रोजेक्ट का कार्य अधूरा रह गया था । कंपनी ने यह भी कहा कि 2,996 करोड़ रुपए के डायवर्जन का आंकड़ा मार्च 2015 तक का ही बैलेंसशीट प्राप्त हुआ है । क्योंकि उसके बात का बैलेंसशीट अपडेट नहीं किया गया है ।

आम्रपाली संगठन के सीएमडी अनिल शर्मा ने एक विस्तृत शपथ पत्र ( एफिडेविट ) के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट को सभी 46 संगठन कंपनियों की मौद्रिक लेनदेन की सूचना दे दी और कहा है कि 5,980 करोड़ रुपए रेजॉर्ट्स और मॉल्स बनवाने में , जमीन खरीदने में , ऑफिस के संचालन में तथा बैंकों एवं होम बायर्स को पैसे वापस करने में खर्च कर दिए । अनिल शर्मा ने यह भी बताया कि आम्रपाली संगठन ने इकट्ठा किए गए पैसों से 667 करोड रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए और यह पैसे ठेकेदारों को वापस देनी है । उन्होंने आम्रपाली संगठन की उन नौ कंपनियों की लिस्ट तैयार करके दे दी है । जहां से होम बायर्स के पैसे दूसरी कंपनियों में खर्च किए गए हैं।

 

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