आतंकी हमले की आशंका के बीच अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं को घाटी छोड़ने का आदेश
जम्मू कश्मीर में वैसे तो हमेशा ही तनाव की स्थिति लगभग बनी रहती है मगर यह तनाव पिछले दो हफ्तों में कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। अभी हाल ही में भारत के गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर में 10000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की थी। जिसके बाद लगातार यह कयास लगाए जा रहे थे कि भारत सरकार जम्मू कश्मीर से धारा 370 और अनुच्छेद 35a हटाने का प्रयास कर सकती है। मगर गृह मंत्रालय ने इससे इंकार किया था। इसके बाद एक बार फिर से गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर में 25000 और अतिरिक्त जवान भेजे जाने का फैसला लिया है। जिसके बाद यह तो तय हो गया है कि आने वाले समय में जम्मू कश्मीर में कुछ विशेष गंभीर परिस्थितियां हो सकती हैं। गृह मंत्रालय ने आतंकी हमले की आशंका को जताते हुए अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं से तुरंत ही घाटी छोड़ने के आदेश दे दिए हैं।
सरकार को है आतंकी हमले की आशंका
जम्मू कश्मीर में मिले इंटेलिजेंस इनपुट के मुताबिक आतंकवादी अमरनाथ यात्रा पर किसी बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में सुरक्षाबलों को पाकिस्तानी बारूदी सुरंग और एक स्नाइपर राइफल भी मिली थी। जिसके बाद अमरनाथ यात्रा को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है और अमरनाथ यात्रियों को यह आदेश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द घाटी को खाली कर दें। भारी सुरक्षा बल जम्मू कश्मीर में तैनात किया जा रहा है अमरनाथ यात्रा बीच में रोकने की वजह खराब मौसम और आतंकवादी हमले की संभावना बताई जा रही है। हालांकि अमरनाथ यात्रा कब वापस शुरू होगी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लगातार जारी है अटकलों का दौर
1 हफ्ते के अंदर जम्मू कश्मीर घाटी में 40000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती किए जाने के गृह मंत्रालय के फैसले के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए यह कहा कि सरकार अतिरिक्त जवान तैनात कर जम्मू कश्मीर में डर के माहौल को और ज्यादा बढ़ा रही है।

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मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



