ट्रॉपिकल स्टॉर्म ने मोजांबिक में अपना केहर ढाया, भारतीय जल सेना ने की मदद
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीतियों ने भारत को पूरे विश्व में न सिर्फ स्थापित किया परन्तु एक सम्मानजनक एवं गौरवपूर्ण स्थिति में ला खड़ा किया है। इसी बात को मद्देनज़र रखते हुए आज जब साउथ अफ्रीकन देश मोजांबिक को मदद की ज़रुरत थी तो इसमें भारत ने कोई देरी नहीं करी।
क्या हुआ था मोजांबिक में?
हाल ही में, मोजांबिक देश में सीक्लोने IDAI ने केहर ढाया जिसकी चपेट में कुल २० लाख से अधिक लोग आये हुए हैं| मोजांबिक की सरकार ने ऐसे में जब मदद मांगी तो भारतीय जल सेना सबसे पहले हाथ बढ़ने वालो में से थी।
भारत कैसे मदद करेगा?
INS Sujata की मदद से भारत ने एक Humanitarian Assistance and Disaster Relief (HADR) ऑपरेशन शुरू किया है जिसमे निवासी अफसरों की मदद के साथ करीब ५००० लोगो को बूज़ी (पोर्ट Beira ) क़े पास से सुरक्षित खाली करना है| भारतीय जल सेना के एक अफसर ने कहा की INS SUJATA , SARATHI और Shardul जो की indian ocean के दक्षिणी भाग में काम कर रही थी, उन्हें मोजांबिक सरकार क़े निवेदन पर पोर्ट Beira भेज दिया गया!

अभी तक भारत ने क्या भूमिका निभाई?
भारतीय जल सेना क़े जहाजों ने कपडे, खाना, दवाइयां और पेय जल ज़रूरतमंदो तक पोहुंचाये| जहाज पर मौजूद तीन डॉक्टर एवं ५ नर्सो ने तुरंत सभी पीड़ितों की मदद करी| इसके अलावा INS शार्दुल पर मौजूद हेलीकाप्टर ने सरकारी एयरपोर्ट से ‘search and rescue ‘ ऑपरेशन करते हुए एक अहम भूमिका निभाई|

निष्कर्ष
केटेगरी ४ क़े ट्रॉपिकल स्टॉर्म IDAI ने जम क़े अपना केहर ढाया| यूनाइटेड नेशंस क़े अफसरों की माने तो ये पिछले कई सालों में southern hemisphere पर पड़ने वाली सबसे घातक विपदाओँ में से एक है| भारत ने २०१७ में खाने की कमी पड़ने पर भी मोजांबिक की ठीक वैसे ही मदद करी थी जैसे आज कर रहा है| कहते है, “with power comes great responsibility” आज इसी बात को मद्देनज़र रखते हुए भारत ने अपने विश्व स्तर पर प्रबल होने क़े मार्ग पर अग्रसर हो रहा है|
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