तेल की उपलब्धताNews 

ईरान ने कहा भारत को मिलता रहेगा तेल

ईरान पर नवंबर से अमेरिकी प्रतिबंध लगने वाले हैं । इस प्रतिबंध के शुरू होने से पहले ही तेल उत्पादकता और तेल की उपलब्धता की समस्या बढ़ने लगी है । यह समस्या कहीं न कहीं भारत के लिए भी विकट रूप लेती नजर आ रही है ।

ईरान भारत के लिए एक बड़ा तेल  सप्लायर है,एक बड़े तेल सप्लायर को खोने का डर भारत को बना हुआ है ।  जिसकी वजह से इंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और भविष्य में और भी ज्यादा बढ़ने का खतरा है । एक बड़े तेल सप्लायर पर अमेरिकी प्रतिबंध लग जाने के कारण तेल की उपलब्धता और उत्पादकता में कमी हो सकती है । जिससे कि बाजार में तेल का समीकरण भी खराब हुआ है ।

ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लग जाने के बाद ईरान से तेल प्राप्त करना भारत के लिए एक कठिन चुनौती है । पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस बारे में जिक्र करते हुए कहा कि ईरान से तेल खरीदने के लिए अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट मांगने पर  अमेरिका के सामने हम अपनी राय रख चुके हैं और अमेरिका ने अभी तक इस पर किसी भी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

इस बारे में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि भारत की दो सरकारी रिफाइनरी ने ईरान से नवंबर के लिए लगभग 1.25 मिलियन टन आयल के आयात को स्वीकार किया था । मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 2015 में हुए समझौते से अपना हाथ पीछे खींच लिया था । जिसकी वजह से ट्रंप ने ईरान पर अपनी नजर तिरछी कर ली । इसके बाद वह ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिए । इसके बाद उन्होंने ईरान के तेल निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाया जो भविष्य में लागू होने वाले हैं ।

गौरतलब है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा तीसरा तेल आयात  करने वाला देश है। भारत अपने तेल की आवश्यकताओं के लिए लगभग 80 फीसदी तेल का आयात करता है । सऊदी अरब और ईरान भारत को तेल सप्लाई करने वाले तीसरे सबसे बड़े देश हैं। भारत की तेल जरूरत को पूरा करने के लिए ईरान लगभग 10 फ़ीसदी तेल भारत को देता है।

Related posts

Leave a Comment