मिलिए 26 वर्षीय राजश्री महिला कैब ड्राइवर से
दोस्तों, आज हम बात करने जा रहे हैं, उस महिला कैब ड्राइवर के बारे में, जो पेशे से इंजीनियर होने के बावजूद उन्होंने ड्राइविंग को अपना प्रोफेशन चुना| आज हम बात करने जा रहे हैं, राजश्री राजेंद्र देशमुख के बारे में! उन्होंने पुणे के कॉलेज से इलेक्ट्रिकल में इंजीनियरिंग की हुई है| फिलहाल वो UBER कंपनी में बतौर कैब ड्राइवर काम कर रही हैं| वो कहती है की इसके पीछे उनकी कोई मजबूरी या आर्थिक समस्या नहीं है।
दोस्तों, 26 वर्षीय राजश्री समाज में महिलाओं की भूमिका और उनकी रूढ़िवादी सोच को, विचारों को तोड़ना चाहती थी| सिर्फ पुरुष गाड़ी चला सकते हैं, खासतौर से कैब! उन्हें यह बात कभी हजम नहीं होती थी| वो पुरुष प्रधान समाज के लोगों की मानसिकता तोड़ना चाहती हैं| उन्होंने एम.टेक किया है और वह इलेक्ट्रिक्ल इंजीनियर है| नागपुर के बजाज कॉलेज में 3 साल तक लेक्चरर भी रह चुके हैं|
उन्होंने कहा की ड्राइविंग हमेशा से मेरा जुनून रहा है और मैंने ड्राइविंग तो इंजीनियरिंग के सेकंड ईयर में सीख ली थे| मैंने अपने बिजनेस के पैसे से, पहली कार खरीदी थी| इस बिजनेस के बाद मैंने अपनी हॉबी को अपना प्रोफेशन बनाया| आज राजश्री हर महीने 60,000 रूपए से ज्यादा कमाती हैं जो कि उनकी पिछली वाली सैलरी से 2 गुना है|
उनको ड्राइवर की नौकरी करते देख, उनके मां-बाप की क्या प्रतिक्रिया थी| इस पर उनका कहना है कि उनके पैरंट्स को उसमें कोई आपत्ति नहीं है| उन्होंने पढ़ाई पूरी करके डिग्रियां हासिल की! जिसकी उम्मीद सब पेरेंट्स अपने बच्चे से करते हैं| मै ड्राइविंग कर रही हूं, मेरे पैरंट्स ने मेरे इस डिसीजन में पूरा साथ दिया है|
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