मुंबई एल्फिंस्टन स्टेशन पर मची भगदड़ में 22 लोगो की मौत पर मरम्मत की जरुरत किसको….? 106 साल पुराने पुल को या भ्राष्टाचार की बारिश में झरझर हो चुके हमारे देश के प्रशासन और सत्ता पक्ष को
मुंबई एल्फिंस्टन स्टेशन पर मची भगदड़ में 22 लोगो की मौत हो गई और कुछ लोगो को गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है इस दुखद घटना पर जहाँ न्यूज़ चेनल अपना पक्ष रखते हुए 106 साल पुराने पुल की मरम्मत का हवाला देते हुए उस बुजुर्ग पुल पर दोषारोपण कर रहे है तो वही देश के राजनेता मृत और घायलों को मुआवजे का ऐलान कर रहे है और हेल्प लाईन नंबर भी जारी कर दिए गये है helpline numbers for #Elphinstone incident churchgate – 22039840 Mumbai Centrel – 23051665 ,Epr-24301614
लेकिन इस घटना का अगर हम आज वास्तविक आंकलन करे तो ये स्पष्ट होता है कि मरम्मत कि जरुरत उस 106 पुराने व् बुजुर्ग पुल को नहीं वल्कि मरम्मत की जरुरत हमारे देश के प्रशासन और सत्ता पक्ष को है अगर इन दोनों की मरम्मत का कार्य समय समय पर होता रहता तो इस तरह की दुखद घटनाये निरंतर आज हमे देखने को नहीं मिलतीं !
आज हालत ये है कि भ्रष्टाचार में डूबी प्रशासन और शासन (राजनेताओ ) की इमारते इतनी ऊँची हो चली है कि उन्हें अपने नीचे या जमी पर विचरण करने वाले जन साधारण की परेशानिया व् दिक्क़ते दिखाई ही नहीं दे रही है जनसाधारण की सुविधाओं व् लोकतंत्र के ढाँचे को मजबूत करने का हवाला देकर देश का सत्ता और प्रशासन पक्ष एक आम नागरिक से तरह तरह के ‘कर’ टैक्स लेता है !
लेकिन अगर आज जन सुबिधाओ की हम और आप बात करें तो निराशा के बादल ही चारों तरफ दिखाई देते है क्योकि जनसुबिधाओ के नाम पर एक आम नागरिक जो टैक्स देता है उसका एक बड़ा हिस्सा सत्ता और प्रशासन पक्ष रुपी दानव भ्रष्टाचार के रूप में निगल जाता है जिसका परिणाम आज लगातार हो रहे रेल हादसों व् अमानवीय घटनाओ दुर्घटनाओं के माध्यम से हमारे सामने है !
इसलिए इस लेख के माध्यम मेरी कलम का आपसे यही कहना है मरम्मत करना ही है अगर तो उस १०६ साल पुराने पुल की नहीं वल्कि झरझर हो चुके उस प्रशासन और शासन की कीजिये जो भ्रष्टाचार
की काली बारिश से और भी झरझर होता जा रहा है !



