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ठगी करके उन्हीं पैसों से जासूसी करवा रही है आइएसआइ

आइएसआइ एजेंट व हैंडलर भारत में ऑनलाइन फ्रॉड व ठगी का रैकेट चला उससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल जासूसी में कर रहे हैं। मप्र में आइएसआइ नेटवर्क की जड़े तलाश रही एमपी एटीएस व केंद्रीय जांच एजेंसी आइबी को अब तक की पड़ताल में ये बात सामने आई है।

पिछले दो सालों में बलराम को जो तीन करोड़ रुपये पाकिस्तानी हैंडलर्स ने पहुंचाए हैं वो भी इसी तरीके से कमाए गए थे। जो टेलीफोन एक्सचेंज चलाए जा रहे थे उनके जरिए ठगी के काम को अंजाम दिया जा रहा था। फर्जी एक्सचेंज चलाने के लिए 25 से 30 हजार रुपये हर महीने दिए जाते थे।

इसके अलावा एक्सचेंज के जरिए ठगी गई राशि का 10 से 15 प्रतिशत कमीशन भी इन्हें चलाने वालों को देने की बात सामने आई है। जांच में बलराम के 150 ज्यादा बैंक खाते होने की भी बात सामने आई है। बुधवार को रिमांड पर लिए गए बलराम के अन्य साथी राजीव ऊर्फ रज्जन से पूछताछ में कई और अहम राजफाश होने की उम्मीद जताई जा रही है।

सूत्रों की माने तो मप्र में संचालित हो रहे आइएसआइ नेटवर्क को बड़े राज्यों से फंडिंग चल रही थी । सूत्र बताते है एजेंसियों ने इन राज्यों में संदिग्धों की तलाश में दबिश दे दी है।

 

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