मुसलमानों की हज यात्रा के मामले में कांग्रेस से आगे निकली भाजपा सरकार
भारतीय जनता पार्टी को अक्सर विरोधी दलों द्वारा अल्पसंख्यकों का हनन करने के मुद्दे में घेरा जाता है। भाजपा सरकार पर अक्सर यह सवाल उठते रहते हैं कि वह देश में अल्पसंख्यकों का दमन कर रही है। विरोधी दल हमेशा से ही भारतीय जनता पार्टी पर यह आरोप लगाते हैं मगर भाजपा ने अल्पसंख्यक नेताओं पर भी यह आरोप लगाए हैं कि देश में आजादी के बाद मुसलमानों का प्रयोग केवल वोट बैंक के लिए किया गया। अब बीजेपी सरकार द्वारा लिए गए फैसलों से यह लगने लगा है कि नरेंद्र मोदी सरकार अल्पसंख्यकों के लिए काम कर रही है। मुसलमानों की हज यात्रा कराने के मामले में नरेंद्र मोदी सरकार मनमोहन सिंह सरकार का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। हज यात्रा पर दी जाने वाली सब्सिडी बंद करने के बाद अब हज यात्रियों की संख्या में प्रतिवर्ष बढ़ोतरी की जा रही है।
नरेंद्र मोदी सरकार ने कायम किया रिकॉर्ड
4 जुलाई को लोकसभा में केरल की मलप्पुरम सीट से सांसद ने यह सवाल पूछा था कि 2019 में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस द्वारा भारत की यात्रा के बाद क्या मुसलमानों की हज यात्रा का कोटा बढ़ाया गया है? अगर ऐसा है तो इसका ब्यौरा क्या है। जिसके बाद अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने जवाब देते हुए कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के समय 2013 में भारत का हज कोटा 1,36,020 था। उसके बाद से 2019 तक या 63,280 बढ़ा है। इस बार 200000 यात्री बिना आर्थिक सहायता के हज यात्रा पर जाएंगे। जो कि भारत के इतिहास में एक रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज किया जाएगा।
अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृत्ति भी दे रही है केंद्र सरकार
इसके पहले अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृत्ति देने की घोषणा कर केंद्र सरकार पहले ही आ जाता चुकी है कि वह अल्पसंख्यक लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का पूरा प्रयास करेगी। अल्पसंख्याक 5 करोड़ छात्रों को छात्रवृत्ति देने की घोषणा की गई है। यह उन लोगों के ऊपर एक तमाचा है जो केंद्र सरकार के ऊपर केवल भारत में मुसलमानों के दमन का आरोप लगाते रहते हैं और उन्हें लगता है कि भारत के मुसलमान बीजेपी की वजह से डरे हुए हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



