जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त होने पर खुश है कश्मीरी छात्र
जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद देश के लोग अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। जहां पर इस आर्टिकल के समाप्त हो जाने पर देश की अधिकतर जनता खुश हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग भी देश में मौजूद हैं जो कि इस अनुच्छेद के समाप्त होने का विरोध लगातार कर रहे हैं। इतना ही नहीं देश की कुछ ऐसी पार्टियां भी हैं जो कि जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीने जाने का लगातार विरोध कर रही हैं। इनमें देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस सबसे पहले स्थान पर है। मगर यदि हम जम्मू कश्मीरी छात्रों की बात करें तो जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने पर उनके अंदर एक अलग ही खुशी का माहौल है। दरअसल जम्मू कश्मीर के नेताओं से इतर कश्मीरी छात्र केंद्र सरकार के इस फैसले से काफी खुश हैं।
कश्मीरी छात्रों ने केंद्र सरकार के फैसले को लेकर कहीं यह बात
हरियाणा के रोहतक में शिक्षा ग्रहण करने वाले कश्मीरी छात्र केंद्र सरकार के इस फैसले से काफी खुश नजर आए। उनका कहना है कि अब जम्मू कश्मीर में रोजगार की कमी नहीं रहेगी। वहां के स्थानीय नागरिकों को रोजगार के लिए दूसरे राज्य में भटकना नहीं पड़ेगा। वहां गरीबी में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की वजह से जम्मू कश्मीर को बदनामी हो रही है और वहां पर आतंकी पाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद आतंकवाद में भी काफी कमी देखने को मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जताई कि अब जम्मू कश्मीर राज्य का अलग झंडा नहीं होगा। बल्कि जम्मू कश्मीर भी देश के झंडे के नीचे ही काम करेगा।
जम्मू कश्मीर के नेता कर रहे हैं विरोध
अगर हम कश्मीरी छात्रों से हट कर बात करें तो जम्मू कश्मीर के स्थानीय नेता लगातार अनुच्छेद 370 के हटाए जाने का विरोध करते आ रहे हैं। निश्चित तौर पर यह साफ कहा जा सकता है कि इस विशेष प्रावधान के समाप्त होने से नेताओं की बात मानने वाले लोगों की संख्या में कमी आएगी। इसी कारण उनको इतनी तकलीफ हो रही है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



