जानिए आखिर क्यों फिर से बनाया गया सोनिया गांधी को कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष
लगभग ढाई महीने की मशक्कत के बाद कांग्रेस पार्टी का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। मगर कांग्रेस पार्टी द्वारा सोनिया गांधी को कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष बनाए जाने पर विपक्षी पार्टियां चुटकी ले रही हैं। इसका कारण यह है कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी ने स्वयं तो कांग्रेस का अध्यक्ष का पद त्याग दिया था। मगर वह गांधी परिवार से बाहर कांग्रेस अध्यक्ष बनवाने में असफल रहे। राहुल गांधी बार-बार यह कहते हुए दिखाई पड़ रहे थे कि नया कांग्रेस अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होगा। मगर कांग्रेस वर्किंग कमेटी में जो निर्णय लिया गया उसमें सभी को हैरान कर दिया। इस फैसले के बाद यह भी बातें कही जाने लगी हैं कि कितनी भी कोशिश कर ली जाए मगर कांग्रेस पार्टी गांधी परिवार के ऊपर ही निर्भर रहेगी।
क्यों बनाया गया सोनिया गांधी को दोबारा अध्यक्ष?
दरअसल कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से राहुल गांधी और सोनिया गांधी बाहर थी। कांग्रेस पार्टी के नए अध्यक्ष के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे, मुकुल वासनिक और ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम प्रस्तावित किया गया था। मगर यह अनुमान लगाया जाने लगा कि यदि इनमें से कोई कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनता है तो कांग्रेस पार्टी में बंटवारे की आशंका बन सकती है। जिसके बाद दोबारा सोनिया गांधी को ही कांग्रेस पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया गया। पहले तो सोनिया गांधी इस पद के लिए तैयार नहीं थी। मगर जब पार्टी के सीनियर नेताओं ने उन्हें इस बात के लिए राजी किया तो वह इसके लिए तैयार हो गईं।
हो सकता है फेरबदल
सोनिया गांधी के दोबारा कांग्रेस पार्टी की कमान संभालने के बाद कांग्रेस पार्टी के कुछ पदों में फेरबदल देखे जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की जनरल सेक्रेट्री की कमान प्रियंका गांधी संभाल रही हैं। उम्मीद लगाई जा रही है कि उनकी इस पद से छुट्टी की जा सकती है। राहुल गांधी अब भी अपने फैसले पर अडिग हैं। वह पार्टी का अध्यक्ष न बनने के फैसले पर टिके हुए हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



