इस वजह से इस बार वीरेंद्र सहवाग ने नहीं किया भारत के मुख्य कोच के लिए आवेदन
वीरेंद्र सहवाग भारत के विस्फोटक बल्लेबाज के रूप में जाने जाते थे। जब तक वह क्रिकेट खेलते थे तब तक गेंदबाज उनसे खौफ खाते थे। अब क्रिकेट की बाहर की दुनिया में भी सक्रिय रहने वाले सहवाग अपनी राय देते रहते हैं। 2017 में वीरेंद्र सहवाग भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद संभालना चाहते थे। मगर उस वक्त बीसीसीआई ने वीरेंद्र सहवाग को दरकिनार कर पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी रवि शास्त्री को प्राथमिकता दी। इस बार जब भारत के मुख्य कोच के लिए आवेदन किए जाने लगे तो इस बार वीरेंद्र सहवाग ने भारत के कोच बनने के लिए आवेदन करना तक भी उचित नहीं समझा। हाल ही में भारत के इस पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज ने मुख्य कोच के लिए आवेदन ना करने की एक बहुत ही बड़ी वजह बताई है।
इसलिए नहीं किया भारत के मुख्य कोच के लिए आवेदन
वीरेंद्र सहवाग ने बताया कि 2017 में उन्होंने एमबी श्रीधर के कहने पर कोचिंग के लिए आवेदन किया था। इस बार उनसे किसी ने आवेदन करने के लिए नहीं कहा। इसलिए उन्होंने आवेदन नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हितों के टकराव से जुड़े नियम समझ में नहीं आते। उन्होंने कहा कि यदि वह चीफ सिलेक्टर हैं तो एकेडमी नहीं चला सकते। मगर यदि वह राष्ट्रीय कोच हैं तो एकेडमी क्यों नहीं चला सकते? यह उनकी समझ से बाहर है। उन्होंने मुख्य चयनकर्ता के रूप में अनिल कुंबले के नाम की वकालत की। उन्होंने कहा कि अभी भी बोर्ड के मुख्य चयनकर्ता को 1 करोड़ रुपए वार्षिक वेतन मिलता है। बीसीसीआई को इस का वेतन और अधिक बढ़ाना पड़ेगा। तब जाकर पूर्व खिलाड़ी इसमें अपनी रुचि लेंगे।
बंदिशों में रहना पसंद नहीं
वीरेंद्र सहवाग से जब चीफ सिलेक्टर बनने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं लेख लिखता हूं कमेंट्री करता हूं, टीवी पर विशेषज्ञ के रूप में आता हूं। मगर यदि मैं चीफ सिलेक्टर बन जाऊंगा तो पता नहीं मैं यह सब कर पाऊंगा कि नहीं। मुझे यह नहीं पता कि मुझे इतनी ज्यादा बंदिशें पसंद आएंगी भी या नहीं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



