जानिए मनोज सिन्हा का बयान पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के कारण पर
केंद्रीय संचार राज्यमंत्री एवं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के कारण पर एक बड़ा बयान दिया है । मनोज सिन्हा ने गाजीपुर में आयोजित गाजीपुर समागम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के अनेक कारणों को उंगली पर गिनाया है । आइए देखते हैं कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन का कारण क्या है ।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर भाजपा सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रीय संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने आज कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पूर्वांचल विकास का नया मॉडल बना है। सिन्हा ने यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र में आयोजित गाजीपुर समागम को संबोधित करते हुए कहा कि गाजीपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े चार साल के दौरान जो सकारात्मक बदलाव आया है उसे आगे बढ़ाना है।
गाजीपुर समागम में दिया बड़ा बयान
मनोज सिन्हा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के कारण को गाजीपुर समागम में अपने अपने संबोधन में बताया कि आखिर ऐसी क्या वजह है जिसकी वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश आज भी पिछड़ा हुआ है ।
उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के कारण – गैर भाजपा सरकार है जिम्मेदार
पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के कारण के लिए मनोज सिन्हा ने गैर भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है । उन्होंने कहा कि नरेंद्र दामोदरदास मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पूर्वांचल में विकास का एक नया मॉडल का उद्भव हुआ है । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गाजीपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में पिछले 4 सालों के समय में जो भी सकारात्मक बदलाव आया है उसे आने वाले समय में और आगे बढ़ाना है ।
पूर्वांचल में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख
पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के कारण के पश्चात उन्होंने मनोज सिन्हा ने पूर्वांचल में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख भी किया । उन्होंने बताया कि बंद पड़े यूरिया के कारखाने को खोल दिया गया है , उसके साथ ही गोरखपुर में एम्स की स्थापना की जाने वाली है , वाराणसी के सर सुंदरलाल अस्पताल को एम्स का दर्जा दिए जाने की बात चल रही है , वाराणसी में कैंसर संस्थान की स्थापना होने वाली है , सड़क और रेल सुविधाओं का विकास पूर्वांचल को एक नए रास्ते पर ले कर आया है ।
अपने संबोधन के अंत में मनोज सिन्हा ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के कारण को दूर करने के लिए हम सभी को एकजुट होकर उत्तर प्रदेश और देश के लिए कार्य करना होगा जिससे कि पूर्वी उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक पहचान दिलाया जा सके ।
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