अमेरिका और चीन का व्यापार युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा
अमेरिका और चीन विश्व की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं हैं। मगर दोनों के बीच पिछले कुछ समय से ट्रेड वॉर यानी कि व्यापार युद्ध चल रहा है। इस मामले में न तो अमेरिका पीछे हटने को तैयार है और ना ही चीन अपने हाथ खींच रहा है। पहले से ही यह आशंका लगाई जा रही थी कि अमेरिका और चीन के बीच चलने वाला यह व्यापार युद्ध विश्व की अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ा खतरा हो सकता है। मगर अब शनिवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने इस बात की पुष्टि करते हुए कह दिया है कि अमेरिका और चीन के बीच जारी यह व्यापार युद्ध 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को 455 अरब डालर का नुकसान करवाएगा।
वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में आ सकती है कमी
जी-20 के सभी देशों के वित मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों की उपस्थिति में बैठक की समापन के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने अपने भाषण में कहा कि हमें वैश्विक अर्थव्यवस्था के स्थिरता और विकास के संकेत मिल रहे हैं। मगर आगे की राह आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की आगे की राह जोखिम ओं से भरी पड़ी है। उसका कारण अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध है। 2018 और 2019 में दोनों देशों द्वारा एक दूसरे के सामानों पर लगाए गए करों के कारण 2019 में विश्व के सकल घरेलू उत्पाद में 0.5% की कमी आ सकती है। वहीं उन्होंने यह भी कहा इससे विश्व की अर्थव्यवस्था को $455 का नुकसान होगा जो कि एक बहुत बड़ी राशि है।
आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने यह भी कहा कि आने वाली इन मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए सबसे पहले व्यापार युद्ध को समाप्त करना पड़ेगा। वहीं उन्होंने मौजूदा करो को समाप्त करने और नए करो को लगाने से रोकने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को और भी ज्यादा आधुनिकीकरण की आवश्यकता है।

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