News 

Opposition parties have come together: Farmers’ protest rally gets all the support

Opposition parties have come together. Opposition leaders made a beeline for the farmers’ protest in the capital city of New Delhi with Congress chief Rahul Gandhi, chief minister Arvind Kejriwal and Left leaders supporting the demand for a special session of Parliament to discuss what they claimed was a deepening crisis in the agricultural sector. The two-day farmers’ protest is the fourth one in the capital this year. The political leaders backed the demand of the farmers. Their demands include passage of legislation guaranteeing ‘freedom from indebtedness’ and ‘remunerative prices’…

Read More
अरुण जेटली News 

अरुण जेटली ने तेल की कीमतों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा

हाल ही में पेट्रोल और डीजल में केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा लगभग ₹5 प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की गई है ।वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा विपक्षी पार्टियों को अर्थव्यवस्था का कोई ज्ञान नहीं है । इस फैसले से जहां एक तरफ से जनता खुश है उसे दूसरी तरफ विपक्ष पार्टी को सरकार पर हमला करने का एक नया हथियार मिल गया है । विपक्षी पार्टियों के जवाब के सवालों का जवाब देने के लिए लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली सामने आए ।…

Read More
दल Opinion 

दल -दल यानी सभी दलो का गठ बन्धन ।

देश २०१९ के चुनाव की तैयारी में लगा है। सभी दल अपने अपने जुगाड़ में लग गये है। जी जान से कोशिश की जा रही है सत्ता मिल जाए। अर्जुन जैसे सबकी आँख प्रधान मंत्री कि कुर्सी पर है। जैसे  बारिश का आभास होते ही मेंढक फुदकने लगते है । कुछ वैसा ही भारतीय राजनीति का हाल है। दल-दल नही ,सभी दल मिलकर एक महगठबंधन की योजना बना रहें है। सभी दलों का बस एक ही नारा है कि वर्तमान सरकार जो पूर्ण बहुमत वाली सरकार है उसे हटाया जाए। सभी दल और उनके नेता अपने अपने बयान जारी कर रहें है। मज़े की बात तो यह है की सभी दलों के प्रमुख ह्रदय से प्रधान मंत्री बनना चाहतें है अब वो चाहे दीदी हो या बहनजी .बबुआहो या युवराज। प्रधानमंत्री बनने का सपना सभी देख रहें है और ना नुकूर भी कर रहें है.एक हिम्मती नौजवान जिन्हें गद्दी विरासत मेंमिलनी चाहिए थी पर अब वो इसके लिए जी तोड़ मेहनत कर रहें है उन्होंने तो मंच से घोषणा भी कर दी है। पार्टी अथवा अपने सहयोगियों से सलाह मशवरा किए बिना ही ख़ुद को प्रधान मंत्री घोषित कर दिया है। आज ही दीदी का सुझाव भी आया है कि बिना किसी नाम या चेहरे के सारे दल मिलकर चुनाव लड़ें। मोदी को किसी भी तरह हटायें बाक़ी बाद में देखा जाएगा। कर्नाटक में देखा नही क्या। वहाँ के मुख्यमंत्री भरी सभा में रोते है पर कुर्सी तो प्यारी है सो गठबंधन की सरकार चला रहें है। अब सोचने वाली बात ये है की भिन्न भिन्न विचारधारा वाले लोग शायद एक मंच पर आ भी जाएँ। किसी तरह सरकार भी बना लें पर देश के भविष्य का क्या? क्या कोई ठोस नीति बन पाएगी? वो प्रधान मंत्री जो सहयोगी दलों की दया पर टिका होगा कभी कोई ठोस क़दम देश हित में ले पाएगा। प्रधान मंत्री, उप प्रधान मंत्री, नेता, उपनेता बस इसी में उलझे रहेंगे। रूठना मनाना चलता रहेगा। दस या बीस दल जो भी गठबंधन के सहयोगी होंगे सभी सत्ता का सुख चाहेंगे। ऐसे में तो कोई उज्जवल भविष्य देश का दिखता नही है। तो समाधान क्या हो? कहीं ऐसा तो नही होगा की दल दल में कमल खिल जाएगा । या फिर देश कठपुतली प्रधानमंत्री के हाथ में आ जाएगा। देश के हित की यदि थोड़ी भी चिंता हो तो इस बार मतदान करने से पूर्व अत्यधिक मनन की आवश्यकता होगी। अन्यथा देश का क्या होगा ,कौन सी ताक़तें देश को चलायेंगीं कुछ पता नही। पर एक प्र्श्न फिर भी यक्ष प्र्श्न जैसा है । क्या ये स्थिर सरकार बहुत ही  निराशाजनक प्रदर्शन कर रही है? देश में विकास की गति कैसी रही है? विदेशों में हमारी साख बढ़ी है क्या? और इस सरकार के स्थान पर जो बीस दलों वाली सरकार हम चुनेगें क्या वह बेहतर विकल्प हॉगा या फिर देश को एकअस्थिर सरकार को सौपने जा रहें हैं। Usha Kedia

Read More
Breaking News News Trending 

The SC/ ST riots and Bharat Band

“The taste of anything can be changed. But poison cannot be changed into nectar.” – BR Ambedkar. Bharat Band, thousands arrested, few killed, 1700 anti-riot workers, you have heard it all in the news and the papers in the last couple of days, but what do you really know about the SC/ST Act or the alleged dilution of one of its provision? The SC/ST (Prevention of Atrocities) Act, 1989, also known as the POA Act, was made to support and protect the Scheduled Caste, Scheduled Tribes and other Minority Tribes…

Read More