अरुण जेटली ने तेल की कीमतों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा
हाल ही में पेट्रोल और डीजल में केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा लगभग ₹5 प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की गई है ।वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा विपक्षी पार्टियों को अर्थव्यवस्था का कोई ज्ञान नहीं है । इस फैसले से जहां एक तरफ से जनता खुश है उसे दूसरी तरफ विपक्ष पार्टी को सरकार पर हमला करने का एक नया हथियार मिल गया है ।
विपक्षी पार्टियों के जवाब के सवालों का जवाब देने के लिए लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली सामने आए । उन्होंने विपक्षी पार्टियों के बयानों की कड़ी निंदा की और उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार कभी भी जनता के प्रति संवेदनहीन नहीं हो सकती ।
गौरतलब है कि पिछले 4 वर्षों में केंद्र सरकार में स्थित मोदी सरकार में मध्यम और छोटे टैक्स देने वाले जनसंख्या को हर साल लगातार कुछ न कुछ राहत दिया है जिस का संचई प्रभाव सलाना ₹97000 करोड़ है । देश की जनता और विपक्ष पार्टियों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पिछले 13 महीनों में लगभग 334 वस्तुओं पर जीएसटी रेट्स में कटौती की गई की गई है । जिससे कि उपभोक्ताओं को सालाना ₹80000 करोड़ की बचत होती है ।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा विपक्षी पार्टियों को अर्थव्यवस्था का कोई ज्ञान नहीं है । यह केवल आलोचना करना जानते हैं । विपक्षी के आलोचक क्रूड आयल में तेजी का अपने लिए राजनैतिक प्रभुता उठाने का प्रयास करते हैं । हाल ही में जो तेल की कीमत घटाई गई तो आलोचना करने वालों के मुंह बंद हो गए और उन्होंने बिना सिर पैर वाला तर्क दिया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट खराब अर्थव्यवस्था के कारण हुई है ।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तेल की कीमतों में वृद्धि के पीछे मौजूद अंतरराष्ट्रीय कारणों के बारे में बताया । उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में वृद्धि से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है । इस तथ्य को विपक्षी नेता नहीं समझ सकते । विपक्षी नेताओं को तो केवल बस टीवी और रेडियो पर बैठ बाजी करने के लिए एक विषय चाहिए । यह एक बेहद गंभीर समस्या है । तेल उत्पादक देशों ने अब क्रूड आयल के उत्पादन को सीमित कर दिया है । जिसके वजह से डिमांड और सप्लाई में अंतर पैदा हुआ है ।

