कविता शायरी 

किसान

सूखा पड़ा, बंज़र ज़मीन, उसमें है बैठा एक गरीब। है आस आंखों में भरी, जननी है जिसकी बस कृषि। चेहरे की जिसकी वो हंसी, बारिश की बूंदों में छुपी, अपने किसान की जान भी, धरती के टुकड़े में बसी। आज़ादी की लड़ी लड़ाई, हरित क्रांति भी थी आई। फिर भी प्यासा किसान भाई, ये कैसी परिवृद्धि आई। सूख गई ये धरती है या, सूख गया ये संसार। पल रहा है जिसके टुकड़ों पर, उसी को लूट रहा इंसान। हे अन्नदाता! तुम हो महान, तुम सा न कोई इस जहान। सहते…

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महाराष्ट्र सरकार ने किसानों की मांगे मानी; 6 दिनों से चल रहा आंदोलन 6 महीनें के आश्वासन पर ख़त्म News Opinion 

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों की मांगे मानी; 6 दिनों से चल रहा आंदोलन 6 महीनें के आश्वासन पर ख़त्म

विगत 6 मार्च से चल रहा महाराष्ट्र किसान आंदोलन, जिसमे करीब 50,000 किसानो ने भाग लिया आखिरकार सरकार से लगभग तीन घंटे के बातचीत के बाद समाप्त हुआ। वार्ता के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा की किसानो की मांगे न सिर्फ मान ली गईं, बल्कि उन्हें लिखित आश्वासन भी दिया गया है। सरकार के एक मंत्री विष्णु सावरा ने कहा की 6 महीने क अंदर इन मांगों पर काम शुरू हो जायेगा। किसानों ने यह रैली रविवार, 6 मार्च को नाशिक से 180 किलोमीटर पैदल चल कर मुंबई के आजाद मैदान…

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