स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर के जीवन की कुछ झलकियां
मनोहर पर्रिकर का जन्म गोवा की राजधानी पणजी से कुछ दूर मापुसा में 13 दिसंबर 1955 को हुआ था।
मनोहर पर्रिकर ने मडगांव के लोयला हाई स्कूल से पढ़ाई की और आई.आई.टी. मुंबई से 1978 में मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई सम्पूर्ण की थी।
किसी भी भारतीय राज्य के विधायक बनने वाले पहले आई.आई.टी. स्नातक थे।
13 मार्च 2017 को भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर ने गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। समारोह में राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने पद और गोपनीयता की शपथ भी दिलाई थी।पर्रिकर ने गोवा में छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई व चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
बी.जे.पी. को गोआ की सत्ता में लाने का श्रेय उनके नाम था। इसके अतिरिक्त भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव को अकेले गोआ लाने का और तो और किसी भी अन्य सरकार से कम समय मे एक अंतर्राष्ट्रीय स्तरकी मूलभूत संरचना खड़ी करने का श्रेय भी उन्ही को दिया गया है। कई समाज सुधार योजनाओं जैसे दयानन्द सामाजिक सुरक्षा योजना जो कि वृद्ध नागरिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, साइबरएज योजना व सी.एम. रोजगार योजना में भी उनका प्रमुख योगदान था। उन्हें कई प्रतिष्ठित प्रतिभाओं जैसे डॉक्टर अनुपम सराफ व आर.सी. सिन्हा को सरकार में सलाहकार के तौर पर शामिल करने का श्रेय भी दिया गया है। कार्यशील तथा सिद्धांतवादी श्री मनोहर पारिकर को गोआ में मिस्टर क्लीन के नाम से भी जाना जाता था।
रक्षा मंत्री के कार्यकाल के दौरान ही मनोहर पर्रिकर इस्तीफ़ा देना के साथ ही साथ चौथी बार 14 मार्च 2017 को गोवा के मुख्यमंत्री बनाए गए ।
मनोहर पर्रिकर 2000 से 2002 तक , 2002 से 2005 तक व 2012 से 2014 तक गोवा के मुख्यमंत्री रह चुके थे।
2014 से 2017 तक भारत के रक्षा मंत्री के कार्यकाल के दौरान मनोहर पर्रिकर उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के सांसद भी रह चुके थे।
मनोहर पारिकर ने दावा किया कि वे बहुमत साबित करेंगे और फरवरी 2005 में ऐसा हो भी गया।लगातार विवादों के बाद मार्च 2005 में गोआ में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया किंतु जून 2005 में विरोधी नेता प्रताप सिंह राणे गोआ के मुख्यमंत्री बना दिये गए थे।
मनोहर पर्रिकर एक साल से पैनक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे। इलाज के लिए वे राज्य के गोवा मेडिकल कालेज व अस्पताल में थे। 26 फरवरी को उन्हें नियमित चिकित्सा जांच के लिए जी.एम.सी.एच. ले जाया गया था।मनोहर पर्रिकर जी को घर जाने की अनुमति भी दे दी गई थी परन्तु 17 मार्च 2019 को वे स्वर्ग सिधार गए।
सही कहा गया है कि अगले पल क्या होगा किसीको नहीं पता होता और यह शरीर छड़भन्गुर है।
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मनोहर पर्रिकर ने मडगांव के लोयला हाई स्कूल से पढ़ाई की और आई.आई.टी. मुंबई से 1978 में मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई सम्पूर्ण की थी।
Author
Ritika Seth
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India Alive
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