विधानसभा चुनाव से पहले होगा डिजिटल वॉर
राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं । इस विधानसभा चुनाव के अंतर्गत राजनीतिक पार्टियों के बीच पोलिंग बूथ पर तो मुकाबला होने वाला ही है लेकिन उससे पहले मुकाबला डिजिटल वॉर की तरह होगा अर्थात सोशल मीडिया साइट्स पर विधानसभा चुनावों के प्रचार प्रसार होंगे जो कि इस चुनाव में वोट बैंक को बढ़ाने का काम करेंगे ।
इस विधानसभा चुनाव के प्रचार प्रसार के लिए तमाम राजनीतिक पार्टियां सोशल मीडिया टीम बना रही है । जो कि विशेष पार्टी का प्रचार-प्रसार डिजिटल माध्यम से करेंगे । गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले इस बार मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है और यह वृद्धि लगभग 67.53 5 3 लाख की है । जो कि अपने आप में विधानसभा चुनाव के परिणाम को रोचक बनाने के लिए काफी है ।
लगभग 6800000 मतदाताओं में सबसे अधिक युवा है और यह युवा आने वाले विधानसभा चुनाव को एक उचित मोड़ दे सकते हैं अर्थात इन का वोट यह निर्णय करेगा कि राजस्थान विधानसभा चुनाव में कौन जीता । इसके लिए युवाओं की बड़ी संख्या को अपने पाले में लाने के लिए भारतीय जनता पार्टी , आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने बेहद खास रणनीति बनाई है ।
इसके लिए वे सोशल मीडिया साइट्स की मदद से बेहद रोचक आक्रामक सोशल मीडिया कैंपेन का सहारा ले रहे हैं । गौरतलब है कि इस विधानसभा चुनाव के लिए मतदाताओं को प्रसन्न करने के लिए राजनीतिक पार्टियां टि्वटर , फेसबुक , इंस्टाग्राम , व्हाट्सएप जैसे लोकप्रिय सोशल साइटों का प्रयोग कर रही है ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने विधानसभा चुनावों में आयोग की इस नई पहल के बारे में बताया कि हर बार हर विधानसभा में एक मतदान केंद्र पूरी तरह से महिला कर्मियों कुछ समर्पित होगा यानी ऐसा मतदान केंद्र होगा इसमें पूरे काम केवल महिला कर्मी करेंगी । यहां तक कि इस मतदान केंद्र में पुलिसकर्मी भी महिलाएं ही होंगी ।
गौरतलब है कि राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों के लिए 7 दिसंबर को मतदान होना सुनिश्चित हुआ है । चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग की एक नई पहल सी विजील है ऐप है । इसके जरिए आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के किसी भी प्रकार की शिकायत का निवारण 100 मिनट की अवधि में सुनिश्चित किया जाएगा।

