अमेरिका से कच्चे तेल पर प्रतिबंध में छूट मिलने की आस में भारत
कच्चे तेलों के आयात करने में भारत ईरान से इस मामले में दूसरे नंबर पर है । भारत चाहता है कि तेल आयात करने के संबंध में उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट मिले ।
ईरान पर 4 नवंबर से अमेरिकी प्रतिबंध लगने वाले हैं । अमेरिकी प्रतिबंधों के लागू होने से पहले भारत को ऐसी उम्मीद है कि तेल आयात के मामले में कुछ छूट मिल सकती है । गौरतलब है कि भारत ने प्रतिबंध लागू होने के पहले ही ईरान से तेल आयात में बहुत बड़ी कटौती कर दी है । जिसका प्रभाव सीधे तौर पर भारत में कच्चे तेल के दामों पर पड़ेगा ।
अमेरिका ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लगाने का निश्चय किया है इसकी वजह यह है कि अमेरिका ने ईरान के साथ परमाणु समझौता खत्म किया और वहां के तेल उद्योग पर प्रतिबंध लगा दिया था । अमेरिका ने कहा था कि वह ऐसे देशों को प्रतिबंध में छूट देने पर विचार कर सकता है जो ईरान से तेल आयात में कमी करने का प्रयास कर रहे हैं ।
इधर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की दो रिफाइनरी कंपनियां है । जो कि ईरान से नवंबर में कच्चे तेल के आयात के लिए आर्डर किए हुए हैं । उन्होंने बताया कि दो हमारी दो तेल कंपनियां ऑर्डर के पूरे होने का इंतजार कर रही हैं और हमें नहीं पता कि हमें अमेरिकी प्रतिबंधों द्वारा छूट मिलेगी या नहीं ।
उन्होंने आगे कहा कि हम ऐसे तथ्य की उम्मीद करते हैं कि आने वाले भविष्य में ईरान भारत के तेल जरूरतों को पूरी करने की कोशिश करेगा । उन्होंने कहा कि भारत ऐसा विश्वास रखता है कि सऊदी अरब जैसे देश तेल उत्पादकता में अपनी क्षमता को बढ़ाए ।
गौरतलब है कि अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा था कि हम ईरान पर कच्चे तेल के से संबंधित अमेरिकी प्रतिबंध लगाने वाले हैं । जो कि आगामी 4 नवंबर से लागू हो जाएगा । हमें ज्ञात है कि ईरान से तेल खरीदने वाले कुछ ऐसे देश हैं जो उनके साथ व्यापार खत्म करने के लिए कुछ समय कि के आवश्यकता की मांग रखते हैं ।

