श्रृंगवेरपुर राष्ट्रीय रामायण मेला 2019 ने समाज को दिया रामायण का सतयुगी सन्देश
श्रृंगवेरपुर राष्ट्रीय रामायण मेला 2019 : धर्म नगरी प्रयागराज के गंगापार क्षेत्र में पड़ने वाले श्रृंगवेरपुर धाम में राष्ट्रीय रामायण मेला 2019 का भव्य आयोजन किया गया. राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ बलकृष्ण पांडेय की अगुवाई में आयोजन मण्डली ने अयोध्या मुद्दे पर आये फैसले के वक़्त हुए इस भव्य आयोजन में पूरी ज़िम्मेदारी भरी सफल भूमिका अदा की. स्वयं रामचरितमानस के रचितयता तुलसीदास पर शोध करने वाले डॉ पाण्डेय की कौशलपूर्ण प्रबंधन क्षमता और सादगी वाली छवि ने समरसतपूर्ण तरीके से इस धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन को पूरी भव्यता की अपार भावभंगिमा के साथ अपनी कुशलतावादी प्रबंधन मंडल के सौजन्य से आयोजित करवाया.

सभी धर्म, पंत, वर्ग के लोग बिना किसी भेदभाव के माता गंगा के तट के समीप बने बड़े सभागार में होने प्रतिदिन विभिन्न आयोजनों को देखने के लिए पूरे उत्साह और लगन से जुटे. श्रृंगवेरपुर धाम ने आगामी दशक से पहले सनातन धर्म की आपसी समरसता, सद्भाव और वसुधैव कुटुंबकम की धारणा का जीवंत एवं उम्दा उदाहरण पेश किया.

रामायण मेला में राम लीला होना स्वाभविक भी है और उसका होना भी लेकिन शायद ही भारतवर्ष में कोई ऐसा स्थान शेष हो जहाँ दूसरे धर्म के कलाकार उसमें हिन्दू धर्म के किरदारों को निभाए और दूसरे धर्म की जनता पूरी आस्था के साथ शुरू से लेकर अंत तक उसको देखे.
राम कथा का पावन पाठ भी हुआ जिसमें सभी ने रामायण को काण्ड दर काण्ड सुना और उसकी साक्षात् अनुभूति विनोद जी महराज जैसे दिग्गज हिन्दू कथावाचक के कंठ के ज़रिये की. लोगों ने लोक कलाओं और प्रतिदिन मिलने वाले दोपहर-रात्रि भोजन एवं प्रसाद को ग्रहण किया और सीता मैया और प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त कर खुद को सकारात्मक शक्ति से परिपूर्ण मन.

श्रृंगवेरपुर राष्ट्रीय रामायण मेला 2019 : रामायण के मूल्य तत्वों के माध्यम से सन्देश

फिलहाल देश में सच्ची हिन्दू हितैषी मोदी सरकार ने श्रीराम सर्किट के माध्यम रामायण से जुड़े सभी स्थलों को जोड़ने, उनके सौन्दर्यीयकरण और उनके जीणोद्धार के लिए इस धार्मिक परियोजना को शुरू किया है. इसी के तहत केवटराज निषादराज के गाँव श्रृंगवेरपुर को भी कलयुग में नया रूप दिया जा रहा है और यहाँ आने वाले भक्तो के लिए उचित प्रबंध किये जा रहे हैं जिनमें गेस्ट हाउस, राम चित्र कथा गैलरी, नई मंदिर गलियारे और घाटों का स्वच्छ सौन्द्रीयकरण शामिल है.
अयोध्या में श्री राम मंदिर का रास्ता प्रशस्त होने के बाद से पूरे हिन्दू सनातन समाज में सकारत्मकता भरी भक्ति की तरंगो का संचार है. सभी भक्त अब श्रृंगवेरपुर धाम से होकर अयोध्या जाने के लिए मनो अग्रसर हैं. राष्ट्रीय रामायण मेला ने श्रृंगवेरपुर धाम से सम्पूर्ण विश्व की मानवता को रामायण के मूल्य तत्व – त्याग, समर्पण, सच्चाई, धैर्य का सन्देश दिया है.
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

