सबरीमाला मंदिर मुद्दा, माना जाएगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला
केरल में सबरीमाला मंदिर मुद्दा अभी भी गरमाया हुआ है। इसके वजह से बातचीत के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। यह बैठक केरल राज्य के मुख्यमंत्री पीनराई विजयन के द्वारा बुलाई गई थी। बैठक समाप्त होने के पश्चात केरल के मुख्यमंत्री पीनराई विजयन ने अपना बयान दिया ।
पीनराई विजयन ने अपने बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ तौर पर कह दिया है कि वह अपने द्वारा किए गए फैसले को ही मानेगा जो उन्होंने 8 सितंबर को सबरीमाला मंदिर मुद्दा पर अपना फैसला सुनाया था। जिससे यह पूर्ण रूप से विदित होता है कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश दिया जाएगा। कोई भी व्यक्ति विशेष किसी भी तरह से या धार्मिक परिवेश सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को नहीं रोक पाएगा। कोई भी सरकार कभी भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ नहीं जा सकती है। अतः हम भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बंधे हुए है। हम धार्मिक परिवेश में रहने के साथ-साथ सभी प्रकार के भक्तों की भावनाओं का सम्मान आदर करते हैं लेकिन हम भारतीय नागरिक होने की वजह से सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़े हुए हैं। इसलिए हमें कोर्ट के फैसले को ही मानना होगा ।
सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर मुद्दा पर जो फैसला दिया था। उसके बाद से ही भगवान अय्यप्पा के मंदिर में भारी विरोध प्रदर्शन होने लगा है। कोर्ट के आदेश के बावजूद भी महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि रजस्वला आयु वर्ग की सभी महिलाओं को प्रवेश पर लगे सभी प्रकार के प्रतिबंध को हटा दिया गया है। कोर्ट के फैसले और आदेश के बाद भी सबरीमाला मंदिर के पुजारी किसी भी महिला को मंदिर के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दिए ।
इधर केरल सरकार सबरीमाला मंदिर में प्रवेश के लिए महिलाओं के लिए विशेष तौर पर कुछ नियम बनाने पर विचार कर रही है। इसमें से एक नियम सरकार यह बनाने के लिए सोच रहे हैं कि महिलाओं के प्रवेश के लिए किसी दिन को तय किया जाएगा। उसी दिन महिलाओं मंदिर में दर्शन कर सकेंगी।
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