प्रियंका गांधी ने बताई वाराणसी से चुनाव न लड़ने की वजह
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन और प्रियंका गांधी वाड्रा जो कि इस समय पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी भी हैं, उन्होंने वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव न लड़ने के पीछे की वजह बताई है। हालांकि इससे पहले यह कहा जा रहा था कि राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी वाड्रा को लोकसभा सीट वाराणसी से चुनाव न लड़ने की सलाह दी थी, लेकिन जब प्रियंका गांधी से मीडिया ने इस बारे में सवाल पूछा तो उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए इस बारे में सफाई दी है।
क्या था प्रियंका गांधी का बयान –
Priyanka Gandhi Vadra on nomination from Varanasi seat: I took advice of all senior leaders of our party & colleagues in UP.They firmly felt that I have responsibility here of looking after 41 seats. I felt that they(candidates)would be disappointed if I focused on only one place pic.twitter.com/HC8oFLn47Y
— ANI UP (@ANINewsUP) April 30, 2019
प्रियंका गांधी से, वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जब चुनाव ना लड़ने के पीछे की वजह पूछी गई तो प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस बारे में बयान देते हुए कहा कि उन्होंने अपने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सलाह मशविरा करने के बाद ही इस फैसले पर पहुंची थीं। प्रियंका गांधी वाड्रा ने बयान देते हुए कहा कि- “मैंने पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश कमेटी के सहकर्मियों से सलाह ली तो उन्हें महसूस हुआ कि मेरे ऊपर पूर्वी उत्तर प्रदेश की 41 सीटों की जिम्मेदारी है, ऐसे में मुझे लगता है कि अगर मैं एक जगह पर फोकस करती हूं, तो पार्टी के बाकी सीटों से उम्मीदवार इससे निराश हो जाएंगे।”
आपको बता दें कि इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने भी मीडिया से मुखातिब होते हुए इस बारे में कहा था कि प्रियंका गांधी वाड्रा को वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला उनका खुद का था, लेकिन जब कांग्रेस के ही दूसरे नेता से इस बारे में पूछा गया तो उनका बयान कुछ अलग था और इस बारे में धीरे-धीरे देखते हुए बवाल मचना शुरू हो गया था कि आखिर प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुरुआत से ही कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे लेकिन आखिरी वक्त पर ऐसा क्या हो गया कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने कदम पीछे खींच लिए।”
गौरतलब है कि प्रियंका गांधी ने अपने बयान के जरिए एक बात तो साफ कर दी है कि वह पूर्वी उत्तर प्रदेश की 41 लोकसभा सीटों के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही हैं, ताकि 41 सीटों पर उनके प्रत्याशियों को सफलता मिल सके हालांकि उनकी मेहनत और उनकी रणनीति का फैसला 23 मई को हो जाएगा।

Former Desk Web Journalist – Aaj Ka Reporter
Former Desk Web Journalist – Live Samachar
Former Video Editor- Prabhatam Advertising
Desk Web Journalist – YouthExpress.in

