प्रयागराज में बढ़ रहा गंगा-यमुना नदी का जलस्तर, कई मोहल्ले भी बाढ की चपेट में
इस समय संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार दिन-प्रतिदन बढ़ता जा रहा है। बता दें कि प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर बीते दो दिनों से लगातार बढ़ रहा है। जहां बीते 4 घंटे की अगर बात करें तो गंगा नदी का फाफामऊ में जलस्तर 22 सेंटीमीटर और छतनाग में करीब 16 सेंटीमीटर तक बढ़ गया है। जबकि यमुना नदी का नैनी में जलस्तर 15 सेंटीमीटर तक बढ़ा है।
लगातार जलस्तर पर हो रही निगरानी
वहीं, इस समय सिंचाई विभाग के बाद कंट्रोल रूम से गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर पर निगरानी की जा रही है। जहां खतरे का निशान 84.73 मीटर पर है। हालांकि, बुधवार कि दिन शाम करीब छह बजे तक गंगा नदी का फाफामऊ में जलस्तर 83.03 मीटर और छतनाग में 82.43 मीटर दर्ज किया गया है। जबकि यमुना नदी का नैनी में जलस्तर 83 मीटर दर्ज किया गया है। संगम क्षेत्र में गंगा और यमुना दोनों नदियां उफान पर हैं। बाढ़ का पानी अब तक बदरा सुनौटी समेत कई गांवों में भी प्रवेश कर चुका है।
प्रशासन ने खोले इतने बाढ़ राहत शिविर
तो वहीं बात करें अगर सलोरी, छोटा बघाड़ा और राजापुर मोहल्ले की तो यहां सैकड़ों घरों में बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ के चलते बड़ी संख्या में लोग भी विस्थापित होकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों के लिए 12 बाढ़ राहत शिविर खोले हैं। बाढ़ के चलते कई सड़कें डूब गई हैं। जिससे इन गांवों का शहर से सम्पर्क भी कट चुका है।
और बढ़ सकता है स्तर
बाढ़ का देखते हुए जिला प्रशासन ने 20 नावें और 45 मोटर बोट लगाई है। इसके साथ ही एसडीआरएफ और जल पुलिस की भी तैनाती कर दी गई है। जिस तरह से गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है उसे देखते हुए ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अभी नदियों का जलस्तर और बढ़ेगा, क्योंकि मध्य प्रदेश में केन, बेतवा और चंबल नदियों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जबकि गंगा नदी में टिहरी, नरौरा और कानपुर डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

