नोटबंदी पर नीति आयोग उपाध्यक्ष ने कहा – ये अमीरों के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्ट लोगों के खिलाफ थी
नई दिल्ली में नोटबंदी पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम को नोट बंदी की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि नोटबंदी अमीरों के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्ट लोगों के खिलाफ की गई थी । अरविंद सुब्रमण्यम की किताब ” आफ काउंसल:- द चैलेंजेज ऑफ द मोदी – जेटली इकोनामी ” प्रकाशन के द्वारा जल्द ही प्रकाशित की जाएगी । इस किताब में नोटबंदी की आलोचना करते हुए । इसे बहुत ही कठोर मौद्रिक इशारा बताया गया है । जिससे आर्थिक और सामाजिक वृद्धि में गिरावट तेज हो गई है।
नोटबंदी पर नीति आयोग उपाध्यक्ष ने कहा
देश के उद्योग मंडल सीआईआई के स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन के समय अलग से बातचीत में नोटबंदी पर नीति आयोग उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने यह भी कहा कि मैंने रिपोर्ट देखी हैं । जिसमें सुब्रमण्यम के जवाब से कहां जा चुका है कि नोट बंदी अमीरों के खिलाफ की गई थी । मुझे यह नहीं पता था कि उन्होंने अमीर शब्द का उल्लेख क्यों किया है ? लेकिन यह नोटबंदी उन लोगों के खिलाफ था । जिन्होंने भ्रष्टाचार और गलत तरीके से धन जमा करके अपने पास रखा था ।
नोटबंदी पर नीति आयोग उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि मुझे उम्मीद है कि मेरे दोस्त अरविंद सुब्रमण्यम इन लोगों को देश के अमीर वर्ग के अंतर्गत मानते हैं । क्योंकि मेरा तो यह मानना है कि इस देश का अमीर वर्ग ईमानदार , परिश्रमी और कानून पालन करने वाला ही सर्वोपरि अमीर व्यक्ति होता है । अरविंद सुब्रमण्यम हाल ही मे लिखे गए अपने लेख में कहां है कि नोट बंदी की प्रक्रिया का एक ही उत्तर है कि गरीब व्यक्ति अपनी परेशानियों को बुलाकर नोटबंदी की प्रक्रिया में उलझा रहे । यह वे जानते थे कि पैसे वाला व्यक्ति भ्रष्टाचार या गलत तरीके से धन हासिल करने वालों को ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना होगा । उन्होंने यह भी लिखा है कि उनकी सोच यह थी कि ” मेरी तो पकड़ी गई , लेकिन उनकी दो सब गाये चली गई ” । प्रधानमंत्री मोदी ने देश में काला धन नकली मुद्रा और भ्रष्टाचार के खिलाफ 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने का फैसला लिया था और यह सारे पुराने नोटों को बंद करने का आदेश दे दिया था।
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