प्रधानमंत्री ने किया आयुष्मान भारत योजना लॉन्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को झारखंड की राजधानी रांची से ‘आयुष्मान भारत’ योजना को लॉन्च किया। बता दे कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी हेल्थ स्कीम है।
नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने बताया है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर से यह स्कीम 27 राज्य औऱ केंद्र शाषित प्रदेशों में पूर्ण रूप से प्रभावी हो जाएगी।
इस योजना के द्वारा सरकार शहरी और ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली लगभग 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखी है । सरकार इस योजना के द्वारा 100000000 गरीब परिवारों को 500000 का स्वास्थ्य बीमा अर्थात इंश्योरेंस कवर दे रही है ।यह आनेवाले दिनों में निम्न मध्यम, मध्यम और उच्च मध्यम वर्ग को फायदा पहुंचाएगी। इस योजना के द्वारा अनेक प्रकार के रोजगार के अवसर भी खुलेंगे और मेडिकल क्षेत्र में नए-नए नौकरियों के अवसर भी मिलेंगे इसके साथ-साथ टियर 2 और टियर 3 क्षेत्रों में नए मेडिकल व अस्पताल के निर्माण होने की भी अपार संभावनाएं है ।
आयुष्मान भारत स्कीम की खास बात यह है कि इसके तहत परिवार के सदस्यों की संख्या और उम्र पर कोई पाबंदी नहीं है। यह स्कीम कैशलेस और पेपरलेस होगी। यह स्कीम पूरी तरह से वंचित ग्रामीण परिवारों, गरीबों, और शहर में रहनेवाले गरीब कामगारों के लिए समर्पित है। सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 डेटा के अनुसार देखें, तो इस स्कीम से 8.03 करोड़ ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाले परिवार और शहरी इलाकों के 2.33 करोड़ परिवार इससे लाभान्वित होने की उम्मीद है ।
आयुष्मान भारत के लिए कोष का निर्माण केंद्र सरकार करने वाली है इसके लिए नफरत हर साल 5000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च भारत सरकार को वहन करना होगा । ऐसे कयास लगाये जा रहे है कि अगले साल पूरे देश में योजना लॉन्च होने से यह खर्च बढ़कर 10,000 करोड़ हो जाएगा।
2019 का चुनाव को देखते हुए आयुष्मान भारत योजना की लॉन्चिंग को मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है । कहा जा रहा है कि यह योजना 2019 में भाजपा को केंद्र सरकार तक लाने में एक सफल योगदान व वरदान साबित होगी । एक तरफ जहां मेडिकल सुविधाएं चिकित्सकीय सुविधाएं और महंगाई बढ़ रही है । वहां पर यह योजना गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है ।

