भारत और फ्रांसNews 

फ्रांस से बिगड़ सकते है भारत के संबंध

राफेल डील भारत और फ्रांस सरकार के बीच मतभेद ला सकती है । फ्रांस की सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि भारत और फ्रांस  के संबंध बिगड़ सकते हैं। फ्रांस की तरफ से कहा गया कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के राफेल डील के संबंध में दिए गए बयान से दोनों देशों के संबंधों में दरार आने की संभावना है ।
गौरतलब है कि भाजपा सरकार ने दैसॉ से 36 राफेल जेट खरीदने का फैसला किया है। इसके लिए दैसॉ ने लोकल पार्टनर के तौर पर सरकार द्वारा संचालित एचएएल की जगह पर बिजनसमैन अनिल अंबानी की कंपनी को चुना। देसां ने अनिल अंबानी की कंपनी को चुनकर मोदी सरकार के लिए गले की हड्डी तैयार कर दिया है । विपक्ष इसी बात को पकड़े हुए मोदी सरकार पर हमेशा हमले करते हुए नज़र आती रही है ।
विपक्ष में बैठी कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि  देश की जनता के साथ विश्वासघात किया गया  हैं । राफेल डील में देश के बड़े बड़े उद्योगपतियो को लाभ पहुँचाया गया है । राफेल डील के मामले में कांग्रेस पार्टी ने भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से इस्तीफा की भी मांग की । उन्होंने आरोप लगाया था कि इस डील में घोटाला किया गया है कांग्रेस के शासनकाल में यह डील 590 करोड़ रुपये का हुआ था जो मोदी सरकार के आते ही 1690 करोड़ का हो गया ।
इस तथ्य पर फ्रांस के जूनियर विदेश मंत्री जीन बैप्टिस्टे ने ओलांद के बारे में कहा की उन्हें लगता है कि इस तरह के बयान फ्रांस और भारत के बीच के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करते हैं। इससे किसी का किसी भी प्रकार से कोई फायदा नहीं होगा ।
दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी  इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए नजर आ रहे हौ । उन्हीने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  इस विषय पर अपने बात को रखे ।  राफेल डील से जूड़े सभी तथ्य वो देश की जनता के सामने रखे  ।

Related posts

Leave a Comment