अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्तों को मानेगा पाकिस्तान
पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है । आर्थिक संकट बद से बदतर होने की स्थिति में पाकिस्तान के ऊपर दिवालिया होने का खतरा भी है । जिसके वज़ह से पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से गुहार लगाई है । पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से राहत पैकेज मांग कर रहा है । अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष पाकिस्तान को राहत पैकेज देने के लिए हामी भर दिया है लेकिन उसकी कुछ शर्तें है ।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान को कर्ज देने के लिए उसके सामने कुछ शर्ते रखी है । जिसे पाकिस्तान में मान लिया है । पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने बताया कि पाकिस्तान देश अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा के दौरान जुड़े हुए हर कर्ज के बारे में पूरा की पूरा विवरण अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से शेयर करने के लिए पूरी तरह से तैयार और प्रतिबद्ध है ।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष पाकिस्तान की 13वीं बार मदद करने जा रहा है लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने इस बार सतर्कता बरती है और उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान के ऊपर जितना भी कर्ज़ है उसकी पूरी सही सही डिटेल पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष सौंपनी होगी ।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने इस बात की उम्मीद जताई है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष पाकिस्तान की वित्तीय सहायता से जरूर मदद करेगा और कोई दूसरा देश वित्तीय मदद करने में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को नहीं रोक पाएगा । उनका मानना है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को कर्ज देने से मना कर सकता है । उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास अमेरिका की लगभग 16.5% की हिस्सेदारी है लेकिन अमेरिका के पास वीटो पावर नहीं है उन्होंने बताया कि वीटो पावर होने के लिए कम से कम 51% वोटों की जरूरत पड़ेगी जो कि अमेरिका के पास नहीं है ।
गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान में चुनाव हुआ है । जिससे की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान ने सरकार संभाला है । सरकार आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकारी खर्चों में ताबड़तोड़ कटौती कर रही है । प्रधानमंत्री इमरान खान ने सरकारी खर्चों में कटौती करने के लिए पीएमओ की कार और भैंस तक को बेच दिया है ।

