बढ़े हुए चालान को लेकर परिवाहन मंत्री नितिन गडकरी ने किये सारे भ्रम दूर
परिवाहन मंत्री नितिन गडकरी ने किये सारे भ्रम दूर : जबसे केंद्र सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव करने के बाद नया संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट 2019 लागू किया है तब से ही बड़े हुए चालान को लेकर लोगों के बीच काफी मिश्रित रूप वाली हलचल देखने को मिल रही है|हर आम मुद्दे की तरह इसमें भी सकारात्मक सोच वाले और नकारात्मक सोच वाले लोग आमने-सामने रहे|
सरकार के विरोधी लोगों का कहना है कि इतने महंगे चालान काट कर लोग अपनी जान कैसे बचा सकते हैं ,आलोचना करने वालों ने यहां तक भी कह दिया कि केंद्र सरकार इन बढ़े हुए चालान को लेकर दोगला मापदंड रख रही है और उसका असली मकसद लोगों की जान सुरक्षित करना नहीं अपितु मोटे चालान की बदौलत अपनी जेब भरना है|
वही सरकार समर्थक पक्ष वाले लोग तर्क दे रहे हैं कि जब कोई सड़क यातायात नियम का उल्लंघन करेगा ही नहीं तो उसका चालान कटेगा ही क्यों? क्या किसी की जान से ज्यादा चंद रुपयों वाला वह चालान है? इसको लेकर सोशल मीडिया , अखबारों ,पत्रिकाओं और टीवी के कुछ हिस्सों में अच्छी खासी चर्चा-परिचर्चा देखने को मिल रही है|

परिवाहन मंत्री नितिन गडकरी की बात है काम की
अब सरकार का पक्ष रखने के लिए स्वयं केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सामने आए| दिल्ली में हुए एक समारोह में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस देश में सबसे ज्यादा मौतें रोड एक्सीडेंट से ही होती है और सरकार का मोटर व्हीकल्स अमेंडमेंट एक्ट लाने के पीछे मकसद मोटे चालानों से अपना राजस्व बढ़ाना नहीं बल्कि लोगों की जान बचाना है|
उनकी यह टिप्पणी उस बात के बाद सामने आई है जब कुछ राज्य सरकारों ने चालान की कीमत कम कर दी है जिसमें गुजरात की सरकार भी शामिल है| मीडिया का धन्यवाद करते हुए गडकरी ने कहा कि समस्या यह है कि कुछ लोगों को कानून की न हीं परवाह है ना ही उसका सम्मान है| क्या लोगों की जान एक चालान से भी ज्यादा कीमती है ? अगर कोई कानून नहीं तोड़ेगा तो उसे चालान का जुर्माना क्यों भरना होगा ?

मीडिया की सजग जागरूकता के बाद आज लोग अपना ड्राइविंग लाइसेंस और जरूरी कागजात कैरी करते हुए गाड़ी चला रहे हैं ,लोगों के सर पर हेलमेट है तो एक्सीडेंट कम हो रहे हैं| लोगों की जान बचाना हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता है|
अब परिवाहन मंत्री नितिन गडकरी के इस बयान के बाद भी लोग अपने चंद रुपए बचाने की विकट आस में अपनी जान को खतरे में डालना चाहते हैं तो ऐसे लोगों को बस दूर से प्रणाम ही करना बेहतर होगा और साथ ही भगवान से उनको सद्बुद्धि दी जाने की ही मांग रखी जा सकती है|
अपनी जान बचाइए हेलमेट पहन कर गाड़ी चलाएं , जब आप कागजात लेकर जाएंगे तो कोई भी आपसे उसे दिखाने को बोले तो आप उसे दिखा पाएंगे और आपका चालान नहीं कटेगा यह बात इतनी ज्यादा स्पष्ट है ! तो समझ जाइये क्योंकि जान है तो जहाँ है|
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

