अवसाद में निर्भया के दोषीBreaking News 

फांसी का दिन करीब आते समय अवसाद में चल गए निर्भया के दोषी, खाना-पीना छोड़ा

सात साल पहले जिस घटना ने पूरे देश को झंकझोर कर रख दिया था अब उसके दोषियों के अंतिम दिनों की गिनती शुरू हो गई है। जी हां हम सभी जानते हैं कि निर्भया कांड आजकल जोरों से चर्चा में है, एकाएक इस केस का दोबारा से चर्चा में आना हैदराबाद में हुए अमानवीय घटना ही है जिसने एक बार फिर से निर्भया के सोए हुए आग को वापस से जला दिया है। जी हां इस घटना के दोषी अभी तो तिहाड़ जेल में बंद है लेकिन लोग इनकी फांसी की मांग को लेकर एक बार फिर से आंदोलन करने लगे हैं। जनता का मुड देखते हुए सरकार ने भी अब इनपर फैसला लेने का मन बना लिया, जिसकी वजह से अवसाद में निर्भया के दोषी चले गए हैं और उन्होंने खाना-पीना भी कम कर दिया है।

अवसाद में निर्भया के दोषी

यही नहीं सूत्रों का कहना है कि ये चारों दोषी- अक्षय, मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा के साथ चार-पांच सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि वे खुद को कोई नुकसान न पहुंचा सकें। और जब से उन्हें पता चला है कि उनकी फांसी के दिन नजदीक आ गई है तभी से वो डिप्रेशन में चले गए हैं। बात करें अगर तिहाड़ जेल के महानिदेशक की तो उन्होने खुद बताया कि जेल का दौरा कर दोषियों को फांसी पर लटकाने की तैयारियों का जायजा लिया जिसके बाद सबकुछ दुरूस्त होने की पुष्टि भी की है। हालांकि इस मामले को लेकर जेल में काफी सख्ती व निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी जानकारी बाहर न जा सके।

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इससे पहले चारो दोषियों को शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये अदालत जज के सामने पेश किया गया, जिन्होंने उनकी पहचान सत्यापित की। दोषियों की सुरक्षा में तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवान और हर आरोपी के लिए एक अलग से जेलकर्मी भी तैनात किया गया है। आप सभी जानते हैं कि 16 दिसंबर 2012 की रात ही इन दरिंदों ने निर्भया के साथ ऐसा किया था इसलिए उनकी मां चाहती है कि इस तारीख से पहले दोषियों को फांसी दी जाए। उन्होंने आगे कहा, मैं अपनी बेटी को न्याय दिलाने और उसे मुझसे छीनने वालों को मौत की सजा दिलाने के लिये लड़ाई जारी रखूंगी।

सभी आरोपियों का हुआ मेडिकल चेकअप

इन सभी चीजों के बीच जेल प्रशासन ने चारों दोषियों का मेडिकल चेकअप कराया गया है, जिसके बाद चारों आरोपियों में से तीन दोषी जेल नंबर दो में बंद हैं, जबकि एक आरोपी जेल नंबर चार में है। कहा जा रहा है कि एक आरोपी को रात में नींद न आने की समस्या है।

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