मोहिनी एकादशी पड़ रह इस दिन, भगवान की इस स्वरूप की होगी पूजा
जानकारी के लिए बता दें कि सालभर में 24 एकादशी पड़ती हैं। हर एकादशी व्रत की अलग कथा व महत्व है। आपको बता दें कि एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है। इस बार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा की जाएगी।
खास बात
वहीं, मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से जातक को समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और बैकुंठ में जगह प्राप्त होती है। इसके साथ ही मोहिनी एकादशी व्रत रखने से पूरे वैशाख माह में किए गए दान के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। जो मोहिनी एकादशी के महत्व का श्रवण करता है। उसे करीब 1000 गौ दान का पुण्य मिलता है। तो आइए जानते हैं कब पड़ रही है मोहिनी एकादशी और क्या है पूजा का मुहूर्त।
मोहिनी एकादशी पर मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का व्रत 1 मई 2023, सोमवार के दिन रखा जाएगा। हालांकि वैशाख शुक्ल की एकादशी 30 अप्रैल रात 08 बजकर 28 मिनट पर शुरू हो जाएगी और अगले दिन 1 मई सोमवार को रात 10 बजकर 09 मिनट पर इसका समापन किया जाएगा लेकिन उदया तिथि मान्य होती है इसलिए मोहिनी एकादशी 1 मई को ही मनाई जाएगी।
मोहिनी एकादशी के दिन रवि योग पड़ रहा
जानकारी के लिए बता दें कि मोहिनी एकादशी के दिन रवि योग और ध्रुव योग बन रहा है। इस दिन रवि योग सुबह 5 बजकर 41 मिनट से शुरू होगा और शाम को 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। ध्रुव योग सुबह से लेकर दिन में 11 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।
मोहिनी एकादशी पर ये है पूजा मुहूर्त
वही, मोहिनी एकादशी को भद्रा का समय सुबह 09:22 से 10:09 बजे तक है और रवि योग प्रातः: 05:41 से है। उस समय अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त है, जो सुबह 07 बजकर 20 मिनट तक है। उसके अलावा सुबह 09 बजे से 10:39 बजे तक शुभ-उत्तम मुहूर्त है। आप भद्रा के समय को छोड़कर अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त या शुभ-उत्तम मुहूर्त में मोहिनी एकादशी की पूजा कर सकते हैं। 1 मई को मोहिनी एकादशी के दिन भद्रा सुबह 09 बजकर 22 मिनट से लग रही है और यह सुबह 10 बजकर 09 मिनट पर खत्म होगी।

