नए साल में भारी पड़ सकती है GST से जुड़ी ये गलती, फ्रीज हो सकता है बैंक खाता
नया वर्ष आने में अब सिर्फ चंद दिन ही रह गए हैं, ऐसे में ना सिर्फ आम लोगों के लिए बल्कि बिजनेस व्यापार अदि करने वाले लोगों के लिए कई सारे नियम बदलने वाले हैं। जी हाँ, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आने वाले दिनों में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स ( GST ) से जुड़े कुछ नियम बदलने जा रहे हैं ऐसे में यदि GST से सम्बंधित जोई भी गलती हुई तो उसकी वजह से आपके व्यापार में तो नुक्सान की संभावना है ही साथ ही साथ आपका बैंक अकाउंट फ्रीज हो सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इस गलती की वजह से आपकी प्रॉपर्टी तक जब्त होने की नौबत आ सकती है।
GST से सम्बंधित बरतें ये सावधानियां
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने जीएसटी अधिकारियों को इस संबंध में कुछ नए अधिकार दे दिए हैं। जिसके अंतर्गत अगर किसी कंपनी या यूनिट द्वारा कई बार सूचना दिए जाने के बाद भी जीएसटी रिटर्न भरने में असफल होती है या नहीं भर रही है तो उस अवस्था में उक्त जीएसटी अधिकारी ना सिर्फ उनका बैंक खता फ्रीज कर सकते हैं बल्कि उसकी संपत्ति भी जब्त कर सकते हैं।

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जैसा कि अधिकारीयों द्वारा बताया जा रहा है उसके अनुसार फॉर्म GSTR-3A के जरिए फाइनल रिटर्न भरने से 3 दिन पूर्व यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जानकारी के लिए बताते चलें कि GSTR-3A हर महीने की 20 तारीख को भरा जाने की तिथि होती है और अगर किसी कारणवश यदि आपसे यह तारीख मिस हो जाती है या आप इस तिथि पर रिटर्न नहीं भर पाते हैं तो आपको यह समय सीमा समाप्त हो जाने पर एक मैसेज भेजा जाता है। यह मैसेज ऑटो जेनरेटेड होता है और यदि आपने इस मैसेज को नजरअंदाज किया तो उसके बाद आपको एक इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजी जाएगी। इस नोटिस में आपको इस बारे में सूचित किया जायेगा की आपने समय पर अपना GST रिटर्न नहीं भरा है और आपको जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।
यदि आप इस नोटिस को प्राप्त करने के बाद भी लापरवाही करते हैं और रिटर्न नहीं भरते हैं तो सम्बंधित अधिकारी, रिकॉर्ड या डाटा के आधार पर टैक्स की डिमांड करेंगे। इसके बाद अगर डिमांड पर भी 30 दिन के भीतर कोई रिस्पॉन्स नहीं आता है तो टैक्स अधिकारी आपकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया को शुरू कर देते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं बाकि टैक्स अधिकारियों के पास आपके सबी बैंक अकाउंट को फ्रीज करने का भी पूरा अधिकार रहता है जिसकी प्रक्रिया वो शुरू कर देते हैं।
क्यों करनी पड़ी इतनी सख्ती
असल में आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा करने के लिए सरकार इसलिए बाध्य हो गयी है क्योंकि जीएसटी कलेक्शन के मोर्चे पर सरकार अपने तय लक्ष्य से काफी ज्यादा पीछे चल रही है। इसकी वजह व्यापारियों की लापरवाही और कुछ लोगों की जबरदस्ती है, ऐसा नहीं है की हर किसी को इस तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी। यह सख्ती केवल उनके लिए ही है जो GST रिटर्न भरने में लापरवाही करते हैं और इस बार सरकार ऐसे लोगों के प्रति एक्शन मोड में नजर आ रही है. इसके अलावा भी सरकार ने टैक्स चोरी करने वालों के लिए कुछ और भी सख्त नियम बनाये हैं जिसे कड़ी से लागू भी किया जाएगा।

