ये लोकसभा चुनाव 2019 है या हर पार्टी के लिए नाक का सवाल बन चुका है मिशन-2019
लोकसभा चुनाव 2019 कहें या मिशन -2019 बात एक ही है। परीक्षा में अब ज्यादा दिन बाकी नहीं है और फिर नतीजा सबके सामने होगा। हर पार्टी अपनी जीत की तैयारी पूरी करने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोड़ लगा रही है। जहां मोदी जी के लिए ये नाक का सवाल है तो वहीं कांग्रेस पार्टी के लिए वापसी का रास्ता। कोई गठबंधन में लगा है तो कोई पहले ही चुनाव ना लड़ने का ऐलान कर चुका है। हर किसी का मूल उद्देश्य खुद की जीत कम और मोदी की हार पर ज्यादा टिकी है। साफ शब्दों में कहे तो इस बार का चुनाव Modi Vs All है।
बीजेपी के हौसले बुलंद
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें गठबंधन से कोई फर्क नहीं पड़ता। जनता का भरोसा मोदी जी पर है और इस बार 2014 के मुकाबले और अधिक वोटों से जीत हासिल होगी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मोदी जी के पाकिस्तान के खिलाफ लिए गए कड़े फैसलों को याद दिलाया कि कैसे उरी और पुलवामा हमले के बाद सर्जिकल और एयर स्ट्राइक करके पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। बीजेपी के प्रवक्ता और पहली बार उड़ीसा से चुनाव लड़ रहे संबित पात्रा ने राहुल गांधी के कमाई का जरिया जानना चाहा कि उनके पास करोड़ों रुपए कहां से आ जाते हैं जब वो कुछ कमाते ही नहीं है। उन्होंने कहा जीजा और साला पर्यायवाची शब्द है।
विपक्ष का वार तो बीजेपी का पलटवार
बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने सरकार पर चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडों का आरोप लगाया वहीं अखिलेश ने कहा है कि देश को प्रचार मंत्री नहीं नया प्रधानमंत्री चाहिए। अखिलेश, पीएम पर ट्वीट वार करने में आजकल कोई कसर नहीं छोड़ रहें, जिसमें वह किसानों और बेरोजगारों के हमदर्द बने हुए हैं। अपने विपक्षियों को जवाब देते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने कहा कि पिछले दो सालों में प्रदेश की जनता खुद को सुरक्षित महसूस करती है वरना प्रदेश में पहले केवल अराजकता का माहौल था।
मिशन-2019 कोई भी जीते इसका फैसला 23 मई 2019 को हो जाएगा पर फिलहाल हर पार्टी अपनी जीत को पक्की करने के लिए कौन-कौन से मापदंड अपनाती है ये देखना दिलचस्प रहेगा।

