श्रीलंका के गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने सन्यास के बाद कही यह बात
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यदि सबसे बेहतरीन गेंदबाजों की बात की जाएगी तो श्रीलंका के गेंदबाज लसिथ मलिंगा का नाम उसमें जरूर शामिल होगा। मलिंगा विश्व के ऐसे गेंदबाज के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने यार्कर गेंद फेंकने की एक नई प्रणाली को अन्य गेंदबाजों तक फैलाया। जिस समय कोई और गेंदबाज यार्कर बॉल फेंकने में हिचकिचाता था उस समय लसिथ मलिंगा धड़ल्ले से यार्कर गेंद फेंक कर बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया करते थे। 15 साल तक श्रीलंका के लिए खेलने वाला यह गेंदबाज अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुका है। मगर जाते-जाते उसने विश्व के अन्य गेंदबाजों को एक ऐसी सीख दे दी जो कि भविष्य में सबके लिए काम आएगी। लसिथ मलिंगा ने अपने रिटायरमेंट के बाद एक ऐसी बात कही जो सभी गेंदबाजों के लिए बहुत जरूरी है।
सन्यास के बाद कही यह बात
मलिंगा ने अपना आखिरी मैच शुक्रवार को बांग्लादेश के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर खेला। इस मैच में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 38 रन देकर तीन विकेट लिए। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। लसिथ मलिंगा ने कुल 226 वनडे इंटरनेशनल मैचों में 338 विकेट लिए हैं। जिसमें 3 हैट्रिक शामिल हैं। 3 हैट्रिक लेने वाले वह दुनिया के इकलौते गेंदबाज हैं। उसके बाद बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे कप्तान मुझसे विकेट लेने की उम्मीद करते हैं और मैंने अपने पूरे करियर में अपना बेस्ट देने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि सब कोई आगे नहीं बढ़ सकता है। आगे वही बनता है जो मैच विनर बनता है। उन्होंने कहा आगे बढ़ने के लिए मैच विनर होना बहुत जरूरी है। मैं भविष्य में नए गेंदबाजों को मैच विनर होते हुए देखना चाहूंगा ताकि लोग गर्व से कह सकें कि हमारे पास एक मैच विनर गेंदबाज है।
मलिंगा ने अपना पहला वनडे इंटरनेशनल मैच 2004 में श्रीलंका के लिए खेला था। घरेलू मैदान पर सन्यास लेने के कारण हजारों दर्शक मलिंगा के इस सफर के समाप्त होने पर उन्हें विदाई देने पहुंचे। श्रीलंका की टीम ने भी उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



