कमलेश तिवारी हत्याकांड में नामजद मौलाना गिरफ्तार
18 अक्टूबर 2019 को शुक्रवार के दिन हिंदू महासभा के सदस्य कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का तरीका इतना वीभत्स और डरा देने वाला था कि कोई भी व्यक्ति उसे देख कर हैरान रह जाएगा। हिंदू महासभा के इस सदस्य की हत्या गला रेतकर की गई और फिर उसे गोली मारी गई। दरअसल हिंदू महासभा के सदस्य और हिंदू समाज पार्टी के संस्थापक कमलेश तिवारी को पिछले दो-तीन वर्षों से लगातार धमकियां मिल रही थीं। मगर उसके बावजूद वह हिंदू समाज के लिए अपने काम को निष्ठा पूर्वक कर रहे थे।
पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार ने कमलेश तिवारी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी कि रासुका लगाया था। मगर हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश के बाद रासुका उन पर से हटा ली गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके सुरक्षाकर्मियों की संख्या में भी कमी कर दी थी। कमलेश तिवारी हत्याकांड में एक नामजद मौलाना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
कमलेश तिवारी हत्याकांड की हो रही है जांच
लखनऊ में हुए इस भीषण हत्याकांड के बाद पुलिस अपने काम में लग गई है। हालांकि पुलिस को भी कुछ खास सुराग नहीं मिले हैं मगर इसका संबंध आईएसआईएस से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस ने लखनऊ में हुए इस हत्याकांड के बाद बिजनौर के मौलाना अनवारुल हक को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल 2015 में बिजनौर में एक रैली के दौरान अनवारुल हक ने कमलेश तिवारी का गला काटने वाले पर ₹5100000 का इनाम रखा था। जिसके बाद कमलेश तिवारी की पत्नी ने उसे नामजद किया है।
बिजनौर पुलिस ने मौलाना को किसी गुप्त स्थान पर रखा है और उससे पूछताछ की जा रही है। हत्यारे भगवा वस्त्र पहन कर आए थे। मगर जिस तरह से उन्होंने हत्या की उससे यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि वह बहुत ही जघन्य हत्यारे हैं और उनका संबंध किसी आतंकवादी संगठन या कट्टरपंथी संगठन से भी हो सकता है।
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