घाटी में नहीं है दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की कमी : सत्यपाल मलिक
5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से जम्मू कश्मीर में पूरी तरह सेना का कब्जा रहा। वहां पर सरकार ने कई दिनों तक फोन की सुविधा और इंटरनेट में रोक लगा कर रखी। धीरे-धीरे सरकार ने जम्मू-कश्मीर के एक एक हिस्से में सेवाओं को सामान्य करने की तरफ प्रयास किया। अब जम्मू कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में जनजीवन सामान्य हो गया है।
रविवार को जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि घाटी में दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। सेना द्वारा इस बात का पूरा ख्याल रखा जा रहा है कि प्रतिबंधों के दौरान किसी भी तरह की क्षति आम लोगों को ना पहुंचने पाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि घाटी में इस समय सब कुछ सामान्य है। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कहा कि घाटी में 1166 दुकानों में से रविवार को 1165 दुकानें खुली रहीं।
दवाओं और आवश्यक वस्तुओं का रखा जा रहा है पूरा ख्याल
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि घाटी में इस समय सब कुछ सामान्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि हमने ईद पर लोगों के घरों में मीट अंडे और सब्जियां सप्लाई करवाई। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 20 दिनों में फुटकर दुकानों में 23.81 करोड रुपए की दवाएं पहुंचीं जो कि सामान्य मासिक औसत से थोड़ी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि ज्यादा पैसा वसूलने का अभी तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है। जब पत्रकार ने पूछा कि घाटी में कब तक रोक लगी रहेगी तो जवाब देते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि यदि रोक लगाने से लोगों की जान बच रही है तो इसमें हर्ज ही क्या है।
अरुण जेटली को किया याद

सत्यपाल मलिक ने अरुण जेटली को याद करते हुए कहा कि पिछले वर्ष उन्होंने ही मुझे राज्यपाल बनने के लिए दबाव दिया था। उन्होंने कहा था कि यह एक ऐतिहासिक फैसला होगा। साथ ही उन्होंने मजाक मजाक में यह भी कहा था कि मेरी ससुराल के लोग जम्मू में रहते हैं। उनका चला जाना एक बहुत बड़ी क्षति है।
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