राहुल गांधी ने स्वीकार किया जम्मू कश्मीर के राज्यपाल का न्योता
जम्मू कश्मीर से 70 सालों से चली आ रही अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद जहां एक तरफ देशभर में खुशी का माहौल है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी में बेचैनी दिखाई पड़ रही है। कांग्रेस पार्टी के नेता जम्मू कश्मीर को लेकर तरह-तरह के अफवाह प्रसारित कर रहे हैं। केंद्र सरकार इस तरह की अफवाहों को देखने के लिए लगातार कदम उठा रही है और भारतीय जनता पार्टी के कई नेता जम्मू कश्मीर के ऊपर चल रही अफवाहों का लगातार खंडन कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले राहुल गांधी ने भी जम्मू-कश्मीर में लोगों की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जाहिर की थी। हालांकि उनकी यह चिंता नैतिक कम और राजनीतिक ज्यादा थी। मगर क्योंकि उनकी इस बात से उनके लाखों कार्यकर्ताओं को एक मैसेज ज्यादा है इसीलिए राहुल गांधी की शंका को दूर करने के लिए जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उन्हें कश्मीर आने का न्योता दिया।
राहुल गांधी ने स्वीकार किया जम्मू कश्मीर के राज्यपाल का न्योता
दरअसल जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राहुल गांधी की कश्मीर पर हिंसा वाली टिप्पणी को लेकर सवाल उठाए थे और उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी को अपने नेताओं के इस तरह के बयान पर शर्म आनी चाहिए। जो संसद में मूर्ख की तरह बात करते हैं। उन्होंने कहा कि वह कश्मीर की स्थिति का जायजा लेने के लिए राहुल गांधी के पास एक विमान भेजेंगे ताकि राहुल गांधी वहां पर आकर कश्मीर की जमीनी हकीकत को समझ सके। और एक जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य निभा सकें।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राहुल गांधी ने कश्मीर में हिंसा को लेकर एक ट्वीट के जरिए अपनी चिंता जाहिर की थी। सत्यपाल मलिक के द्वारा दिए गए इस न्योते को राहुल गांधी ने स्वीकार कर लिया है और उन्होंने मलिक से पूछते हुए कहा है कि बताइए कश्मीर कब आना है?
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहां पर स्थिति काफी सामान्य है। किसी भी प्रकार की हिंसा की घटनाएं देखने को नहीं मिली है। वहीं सुरक्षा बल भी घाटी के लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार के साथ अपना काम कर रहे हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



