आईएमएफ ने चीन की विकास दर में गिरावट की जताई आशंका
चीन और अमेरिका विश्व की दो महाशक्तियों में गिने जाते हैं। अमेरिका जहां दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति माना जाता था मगर अब वह अपनी इस छवि को खोता जा रहा है। उसका कारण डोनाल्ड ट्रंप द्वारा छोटे-छोटे देशों के साथ की गई बेकार बयान बाजी है। अब अमेरिका को कोई भी देश आंख दिखाने को तैयार हो जा रहा है। चीन एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी महाशक्ति है। मगर अमेरिका के साथ जारी ट्रेड वार के कारण चीन इस समय काफी ज्यादा आर्थिक नुकसान का सामना कर रहा है। चीन और अमेरिका के बीच जारी ट्रेड वॉर से विश्व की अर्थव्यवस्था को तो नुकसान पहुंचेगा ही मगर इसके कारण दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को भी काफी नुकसान हो सकता है। हाल ही में आईएमएफ ने आशंका जताई है कि व्यापार युद्ध के कारण चीन की विकास दर में काफी गिरावट दिखाई देगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कही यह बात
दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा कि चीन इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। मगर फिर भी वह व्यापार समझौता करने के लिए तैयार नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका अब चीन से आयात होने वाले सामानों ने कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाएगा। मगर इससे पहले अमेरिका चीन से आयात होने वाले $300 अरब के सामान पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगा चुका है। इसी के आधार पर आईएमएफ ने यह अनुमान लगाया है कि वर्ष 2019-20 में चीन की विकास दर 6.2% के आसपास ही होगी। यदि अमेरिका कुछ और अतिरिक्त शुल्क लगाता है तो इससे भी कम हो सकती है।
1 सितंबर से प्रभावी हो जाएंगे लगाए गए अतिरिक्त शुल्क
अमेरिका द्वारा चीन से आयात होने वाले सामानों पर लगाया गया अतिरिक्त शुल्क 1 सितंबर से प्रभावी हो जाएगा। यदि अमेरिका चीन से आयात हुए बचे हुए सामानों पर भी 25% का अतिरिक्त शुल्क लगाता है तो आने वाले वर्ष में चीन की विकास दर में 0.80 प्रतिशत की कमी देखी जाएगी।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



