वकील हरीश साल्वे ने अनुच्छेद 370 को बताया एक बड़ी गलती
5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर से उसको विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया। भारत सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय को अब 2 महीने होने वाले हैं। परंतु इस पर चर्चा अभी जारी है। इस बार इस पर अपनी राय भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में वकालत करने वाले वकील हरीश साल्वे ने रखी है। उन्होंने अनुच्छेद 370 पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 एक बड़ी गलती थी। इसे समाप्त करना आवश्यक था। उन्होंने सरकार के निर्णय की सराहना भी की।
वकील हरीश साल्वे ने कही यह बात
अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में कुलभूषण जाधव की तरफ से भारत का पक्ष रखने वाले हरीश साल्वे ने कहा कि यदि कोई विवादित क्षेत्र है तो वह पाक अधिकृत कश्मीर है। भारत का संविधान ही नहीं बल्कि जम्मू कश्मीर का संविधान भी यह कहता है कि संपूर्ण जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। ऐसे में पाकिस्तान कश्मीर के कुछ भाग पर हिस्सा जमाए बैठा है। कश्मीर भारत का हिस्सा है इस बात पर दुनिया को कभी कोई भी संदेह नहीं रहा है। परंतु कुछ पाकिस्तानी दिमाग हमेशा ही इसका विरोध करते रहे हैं।
पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर पर भारत के निर्णय का अंतरराष्ट्रीय करण करने का भरसक प्रयास किया। परंतु भारत के दबाव के कारण दुनिया का कोई भी देश भारत के खिलाफ नहीं जा सका।
अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में दिलाई थी भारत को जीत
वकील हरीश साल्वे ने भारत की तरफ से भारतीय सेना के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान द्वारा दिए गए मृत्युदंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में वकालत की थी और इसमें भारत की जीत भी हुई। उन्होंने फीस के रूप में केवल ₹1 की मांग की थी। यह फीस उन्हें भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी के हाथों मिलने वाली थी। परंतु उनकी मृत्यु के कारण हाल ही में उनकी बेटी ने हरीश साल्वे को यह फीस दी।
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