कई वर्षों बाद छलका गौतम गंभीर का दर्द, धोनी को लेकर कही यह बात
विश्वकप में कई मैचों में लगातार धीमी बल्लेबाजी के कारण धोनी को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। अब कुछ क्रिकेट दिग्गजों ने सन्यास लेने की सलाह दे रहे हैं ताकि भविष्य में युवाओं को मौका दिया जा सके। वहीं कुछ पूर्व क्रिकेट दिग्गज धोनी को अभी सन्यास लेने से मना कर रहे हैं। उनका मानना है कि अभी भी धोनी की जरूरत टीम को है। कपिल देव ने खुद धोनी को सन्यास ना लेने का आग्रह किया है। वहीं पूर्व भारतीय बल्लेबाज गौतम गंभीर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बात करते हुए धोनी को लेकर कुछ बातें कहीं। गौतम गंभीर का दर्द इस इंटरव्यू के दौरान साफ-साफ छलका और उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को लेकर कुछ महत्वपूर्ण खुलासे किए और धोनी के सन्यास पर अपनी राय भी व्यक्ति की।
धोनी को लेकर गंभीर ने कही यह बात
गौतम गंभीर ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा करते हुए कहा कि 2009 में ऑस्ट्रेलिया में कॉमनवेल्थ सीरीज के दौरान खुद महेंद्र सिंह धोनी ने यह फैसला लिया था कि मैं, वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर एक साथ टीम में ना खेलें। धोनी खुद युवाओं को मौका देने के पक्ष में थे। आज जब उनके बल्ले से बड़े शॉट नहीं निकल रहे हैं और वह निचले क्रम में आखरी के ओवर्स में तेज गति से रन नहीं बना पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें भी युवाओं को आगे आने का मौका देना चाहिए। ताकि 2023 के क्रिकेट विश्व कप की तैयारियां अभी से शुरू की जा सकें।
गौतम गंभीर ने यह भी कहा कि जब धोनी कप्तान थे तब उन्होंने हमेशा युवाओं को प्राथमिकता दी। अब समय आ गया है कि उनके साथ भी वैसा ही हो। उन्होंने कहा कि किसी के रिटायर हो जाने से क्रिकेट नहीं रुक जाती। क्रिकेट एक बहुत बड़ा खेल है किसी एक खिलाडी के जाने से क्रिकेट नहीं रुकता है। गौतम गंभीर का दर्द वर्षों बाद तब छलका जब धोनी धीमी बल्लेबाजी कर रहे हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



