सुप्रीम कोर्ट को मिले चार नए न्यायाधीश
देश में आज लाखों ऐसे मामले हैं जो अदालत में काफी लंबे समय से लंबित पड़े हैं और अगर उनके कारण पर ध्यान दिया जाए तो केवल और केवल एक ही मुद्दा सामने आता है जो है हमारी न्यायपालिका में बहुत बड़े स्तर पर न्यायाधीशों की कमी…. पिछले साल सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने मन की बात रखते हुए रो पड़े थे और उन्होंने न्यायालयों में भारी न्यायाधीशों की कमी के कारण होने वाली परेशानियों के बारे में बताया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट को 4 नए न्यायाधीश मिल गए हैं।
राष्ट्रपति ने की नियुक्ति –

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा आज सुप्रीम कोर्ट के लिए 4 न्यायाधीशों को नियुक्त किया गया है। और इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट को चार नए न्यायाधीश मिल गए हैं। पिछले कई दिनों से इस मामले में कई रिपोर्ट को राष्ट्रपति भवन भेजा जा चुका था जिनमें जजों की नियुक्ति का हवाला दिया गया था।
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विचार-विमर्श और गहन जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के पद पर योग्य पाए जाने के पश्चात ही सुप्रीम कोर्ट को चार नए न्यायाधीश मिले हैं। सुप्रीम कोर्ट को 4 नए न्यायाधीश मिल गए हैं और उनके नाम के बारे में बात करें तो यह न्यायाधीश – बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, झारखंड सीजे अनिरुद्ध बोस और गुवाहाटी एचसी सीजे ए एस बोपन्ना सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के चार नए न्यायाधीश हैं।
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न्यायालयों में जजों की संख्या में भारी कमी है यही वजह है कि आज न्यायालय में लाखों ऐसे मामले लंबित है और अगर प्रति न्यायाधीश लंबित मामलों का आंकड़ा निकाला जाए तो यह तकरीबन एक न्यायाधीश पर लाखों की संख्या से अधिक मामले हैं अब इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हमारे देश में न्यायाधीशों की कितनी बड़ी कमी है।
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